ओपीडी में मरीजों को देखते डॉ. शाहिद खान। संवाद
बांदा। सर्दी में त्वचा में एक्जिमा का दायरा बढ़ रहा है। जिला अस्पताल व रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। आम दिनों में ऐसे मरीजों की संख्या 20 से 25 रहती है। सर्दी के मौसम में अब इनकी संख्या 50 तक पहुंच चुकी है। जिले में एक भी चर्म रोग विशेषज्ञ के न होने पर मेडिसिन विभाग के डॉक्टर ही ऐसे मरीजों की ओपीडी कर रहे हैं।
जिला अस्पताल व रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में एक भी चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। सर्दी के मौसम में एक्जिमा, त्वचा सूखी, लाल, खुजलीदार और सूजन वाली हो जाती है। सर्दी में त्वचा सूखी होने से यह रोग आम हो जाता है। हालांकि यह संक्रामक रोग नहीं है, पर सर्दी में इस रोग के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों की माने तो सर्दी में एक्जिमा के रोगी बढ़े हैं।
प्रतिदिन दोनों अस्पतालों में 50 मरीज आ रहे हैं। इन मरीजों को मेडिसिन विभाग के डॉक्टर दवा और मरहम देकर इलाज कर रहे हैं। जिला अस्पताल में आयुष भवन में तैनात मेडिसिन विभाग के डॉक्टर शाहिद खान व डॉ. अरमानुलहक ने बताया कि सर्दी के मौसम में एक्जिमा के मरीज आ रहे हैं। दोनों डॉक्टरों का कहना है कि नियमित उपचार से यह रोग ठीक हो सकता है।
इसके लिए जाड़ों में त्वचा में सूखी नहीं रखें, त्वचा में सरसों का तेल या नारियल का तेल लगाते रहें। एलर्जी के मरीज है तो डॉक्टर की सलाह पर ही दवा का सेवन करें। पालतू जानवरों को पालते हैं तो जानवरों से ज्यादा खेले नहीं। ठीक होने पर यह एक से तीन हफ्ते का समय ले लेता है।
बोले डॉक्टर
जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर शाहिद खान व डॉ. अरमानुलहक का कहना है कि सर्दी के मौसम में शरीर का तापमान स्थिर रखने के लिए सामान्य मनुष्य को कम से चार से पांच लीटर पानी का सेवन जरूर करना चाहिए। इससे पानी की मात्रा में शरीर में सही बने रखने से त्वचा सूखेगी नहीं। इसके अलावा अगर एलर्जी के मरीज हैं तो एलर्जी वाली चीजों से परहेज करें। मसालेदार, तला हुआ भोजन से परहेज करें। सर्दी के मौसम में बहुत ज्यादा गरम पानी से न नहाए। दिक्कत होने पर डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर की सलाह पर ही दवा करें।