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Banda News: बच्चों की हालत पस्त कर रहा कोल्ड डायरिया और सीने की जकड़न

Tue, 23 Dec 2025 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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बाल रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों को देखते डॉ. आरके गुप्ता। संवाद - फोटो : तपोस्थली में प्रार्थना करते अनुयायी।
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बांदा। सर्दी का सितम जारी है। सर्दी लगने से बच्चे सीने की जकड़न की शिकायत हो रही है। वहीं बच्चे कोल्ड डायरिया का भी शिकार हो रहे हैं। बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोगियों की संख्या 100 का आंकड़ा पार कर रही है। सोमवार को सुबह 10 बजे तक कोहरा होने की वजह से ओपीडी में गिने चुने मरीज पहुंचे। दोपहर 12 बजे के बाद एकाएक भीड़ बढ़ गई। बाल रोग विशेषज्ञ का कक्ष फुल रहा। ज्यादातर बच्चों में सीने की जकड़न और कोल्ड डायरिया की शिकायत लेकर पहुंचे। यहां 10 बच्चों को भर्ती भी कराया गया।
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सर्दी के मौसम में बच्चों की आफत हो रही है। सोमवार को जिला अस्पताल में बाल रोग विभाग में बच्चाें की अच्छी खासी भीड़ रही। यहां कोर्रही गांव की हुमैरा फातिमा (आठ माह), सर्वोदय नगर निवासी सानवी मौर्या (एक माह) और कोर्रही निवासी शमीम फातिमा (आठ माह) समेत 10 बच्चों को कोल्ड डायरिया और निमोनिया के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। ओपीडी में ज्यादातर बच्चे बुखार और सीने की जकड़न से परेशान होकर पहुंचे।
सीने की जकड़न वाले बच्चाें को भाप दिलाई गई। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता व एके राजपूत ने बताया कि उनकी ओपीडी में इस मौसम में बच्चों में सर्दी, जुकाम, बुखार और कोल्ड डायरिया के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। एक बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 60 से 70 बच्चों को सीने की जकड़न, कोल्ड डायरिया की शिकायत मिली। कुछ को दवा देकर और कुछ को भर्ती कर डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। जिला अस्पताल में सोमवार को 1200 मरीजों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया।
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एक निश्चित तापमान में बच्चों को रखें

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता व डॉ. एके राजपूत ने बताया कि सर्दी के मौसम में साल भर तक के बच्चों को मां का दूध अवश्य पिलाएं। बच्चों को एक निश्चित तापमान में रखें। जिस कमरे में बच्चों का रखें वहां का तापमान कम से कम 30 डिग्री तक हो। बच्चों को ऊनी कपड़े पहनाएं। दस्त होने पर या सीने में जकड़न होने, श्वांस लेने में दिक्कत होने पर डॉक्टर को दिखाकर ही दवा खिलाएं।
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बाल रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों को देखते डॉ. आरके गुप्ता। संवाद- फोटो : तपोस्थली में प्रार्थना करते अनुयायी।

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