बांदा। अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह में पारा तमतमा रहा है। बुधवार को भी अधिकतम तापमान 44 व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री आंका गया। धरती तवे की तरह तप रही है। गर्म हवा से जनजीवन बेहाल है।
बुधवार 22 अप्रैल को सुबह 11 बजे से पारा बढ़ना शुरू हुआ। दोपहर दो बजे तक 43 डिग्री पहुंच गया। शाम पांच बजे तक बुधवार का तापमान 44 डिग्री आंका गया। दोपहर 12 बजे से दोपहर तीन बजे तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जरूरतमंद लोग साफी से मुंह ढके निकलते दिखाई दिए। छात्राएं भी छाता या दुपट्टे से धूप से बचती चलती नजर आईं। मौसमी फल खीरा-ककड़ी की ठेलियों में लोग गर्मी शांत करते दिखाई दिए। हवा में नमी का स्तर 30 प्रतिशत तक नीचे गिरने से लू का खासा असर रहा। लोग अपने घर में रहने को मजबूर रहे।
गर्मी से बचाव के लिए प्रमुख उपाय
प्यास लगने का इंतजार न करें, बल्कि नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।
गर्मी में पेट को हल्का रखने के लिए सुपाच्य भोजन करना चाहिए।
बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलने से पहले अच्छी गुणवत्ता वाले सनस्क्रीन का प्रयोग अवश्य करें।
दोपहर 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच, अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें।
गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे पानी से स्नान करना एक प्रभावी तरीका है।
लू लगने के सामान्य लक्षण
तेज बुखार
सिरदर्द
चक्कर आना
उल्टी या जी मिचलाना
त्वचा का लाल या गर्म होना
-यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
कलक्ट्रेट में लगा आरओ हुआ फेल
बांदा। कलक्ट्रेट में फरियादियों के लिए शीतल पेयजल के लिए लगा आरओ फेल हो गया। मंगलवार को इससे सिर्फ एक-एक कुल्ला पानी निकलता रहा। कलक्ट्रेट में आने वाली फरियादी महिलाओं ने किसी तरह से नल से पानी निकालकर पानी पिया।