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दंपति और दो बच्चों के हत्यारे को मिली सजाए मौत

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बांदा। दंपति और उनके दो मासूम बच्चों की सामूहिक हत्या के मुख्य आरोपी को अदालत ने मृत्युदंड/फांसी की सजा सुनाई है। 50 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। वह घटना के बाद से ही जेल में है। इसी घटना में अभियुक्त उसकी मां और मामा को अदालत ने बरी कर दिया।
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शहर कोतवाली क्षेत्र में कताई मिल के सामने स्थित छोटा डेरा में 31 जनवरी 2018 को तड़के करीब साढ़े 5 बजे दूध के कारोबारी महादेव यादव (40) और उसकी पत्नी चुन्नी (35) अपने बच्चों पवन कुमार (10), राजकुमार (8) और पुत्री नानसी (9) के साथ सो रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी अमित उर्फ गोलू यादव घर की दीवार फांदकर अंदर घुसा और कुल्हाड़ी से महादेव, उसकी पत्नी और दोनों बेटों की हत्या कर दी। पुत्री नानसी किसी तरह से छिपकर बच निकली। घटना के पीछे चर्चा थी कि आरोपी गोलू के घर की किसी महिला से महादेव के अवैध संबंध थे। महादेव के भाई रघुनंदन यादव ने अमित उर्फ गोलू, उसकी मां देवा और मामा देवीदीन उर्फ भवानीदीन की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। हत्यारे अमित की पहचान बेटी नानसी ने की थी। वह घटना की चश्मदीद गवाह रही। पुलिस ने छह दिन बाद आरोपी को मवई चौराहे के पास गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बहुचर्चित इस चौहरे हत्याकांड की तफ्तीश कर पुलिस ने अदालत में तीनों आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन की ओर से वरिष्ठ एडीजीसी आशुतोष मिश्रा, देवदत्त मिश्रा और ब्रजराज सिंह परिहार ने पैरवी की और 6 गवाह पेश किए। गवाहाें में चश्मदीद गवाह मासूम नानसी भी शामिल थी। लगभग ढाई साल चली अदालती प्रक्रिया के बाद शुक्रवार को अपर जिला जज न्यायालय ने मुख्य आरोपी अमित उर्फ गोलू पुत्र शारदा प्रसाद को मृत्युदंड और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। उसकी वृद्ध मां देवा और मामा देवीदीन उर्फ भवानीदीन पुत्र कंधी को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया। आरोपियों की पैरवी फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता रामस्वरूप सिंह और शंकर सिंह गौतम ने की। फैसला सुनाते समय मुख्य अभियुक्त अमित गोलू को जेल से लाया गया था। बरी हो गए उसके मां और मामा भी मौजूद रहे।
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