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एमसीआई टीम ने मेडिकल कालेज का किया निरीक्षण

Wed, 06 Jan 2016 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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बांदा। मेडिकल कालेज को एमसीआई (मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया) की मान्यता दिलाने के लिए प्रदेश सरकार और मेडिकल कालेज प्रबंधन ने पूरी ताकत झोंक दी। मानक की शर्तें पूरी करने के लिए रातोरात प्रदेश के आधा दर्जन जनपदों से यहां डाक्टर भेजकर ज्वाइन कराया।
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इनके अलावा तीन सौ से ज्यादा नर्सें और अन्य कर्मचारी भी तैनात किए गए। बुधवार को यहां आई एमसीआई टीम ने कई घंटे सघन निरीक्षण किया।

मेडिकल कालेज का पिछले वर्ष मार्च में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उद्घाटन किया था। उसके बाद से एमसीआई की मान्यता हासिल करने की कवायदें शुरू हो गईं थीं।

शासन और मेडिकल कालेज प्रशासन दोनों ही प्रयासरत थे। तमाम औपचारिकताएं इस बीच पूरी कर ली गईं। इसी वर्ष (सत्र 2016-17) में 100 सीटों वाली एमबीबीएस कक्षाएं भी शुरू होनी है।
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बुधवार को एमसीआई की तीन सदस्यीय टीम मानकों को परखने और मेडिकल कालेज की असलियत जानने के लिए दिल्ली से बांदा आई।

इसके पहले मंगलवार की रात कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर और अंबेडकर नगर मेडिकल कालेजों से 40 डाक्टर और 300 स्टाफ नर्सों को यहां भेजा गया।

बुधवार को एमसीआई टीम को निरीक्षण में मेडिकल कालेज डाक्टरों और कर्मचारियों से भरा पूरा मिला। बड़ी संख्या मेें मरीज भी उपस्थित थे।

एमसीआई टीम के कोआर्डिनेटर डॉ. बृज कुमार दास (फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कालेज, बारपेटा, असम), डॉ. शशिधर मजेरी (उप प्रधानाचार्य राजीव गांधी इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेंज, कडपा, आंध्र प्रदेश) और डॉ. एमपी सुधांशु (पटना मेडिकल कालेज, बिहार) ने मेडिकल कालेज के हरेक विभाग की बारीकी से जांच की।

डाक्टरों की उपस्थिति और अन्य अभिलेख देखे। उपकरण और सफाई पर भी निगाहें डाली। छोटी-मोटी खामियों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया।

डाक्टरों के आवास और छात्रों के हास्टल भी देखे। इस अवसर पर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. वीएन त्रिपाठी, लखनऊ के प्रोफेसर डॉ. नरेश यादव, बांदा मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. एचएन चौधरी, डॉ. एसके आर्या, डॉ. आरसी अरुण, डॉ. करन राजपूत इत्यादि मरीजों को देखते रहे।
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