बांदा। सूखाग्रस्त बुंदेलखंड को राहत के लिए 1 जनवरी से लागू की जा चुकी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना इस जिले में सिर्फ इसलिए लटकी पड़ी है क्योंकि इसके उद्घाटन के लिए आपूर्ति विभाग को अभी सत्ता पक्ष के किसी विधायक का कार्यक्रम नहीं मिल पाया है।
प्रदेश सरकार ने नए वर्ष पर बुंदेलखंड के बांदा समेत कई जिलों में खाद्य सुरक्षा योजना लागू कर दी है। इसमें प्रति यूनिट दो रुपये किलो की दर से साढ़े तीन किलो गेहूं और तीन रुपये प्रति किलो की दर से डेढ़ किलो प्रति यूनिट चावल दिया जाएगा। योजना में लगभग 3.28 लाख लोग शामिल हैं।
आपूर्ति विभाग योजना का उद्घाटन सत्तारूढ़ दल के विधायक से कराना चाहता है, ताकि सरकार की योजना का बढ़ चढ़कर प्रचार हो लेकिन विधायक अभी जिला पंचायत चुनाव की राजनीति में व्यस्त हैं। इसलिए वह योजना का उद्घाटन करने को उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने बताया कि विधायक 9 जनवरी तक मिल जाएंगे। उसी दिन उद्घाटन की रस्म अदा कर दी जाएगी।
जिले में कुल 3,69,141 राशनकार्ड धारक हैं। इनमें से करीब साढ़े तीन लाख परिवारों ने खाद्य सुरक्षा योजना के लिए आवेदन किए थे। जांच में 3,28,566 परिवारों को पात्र माना गया है। इनमें 42,466 शहरी और 2,86,100 ग्रामीण कार्डधारक शामिल हैं। योजना के राशनकार्ड अभी तक नहीं छप पाए हैं। आपूर्ति विभाग ने तीन महीने के लिए डुप्लीकेट 2.17 लाख राशनकार्ड प्रिंट करवाए हैं। इन्हें कोटेदारों के माध्यम से परिवारों को दिया जा रहा है। एनएफएसए योजना में जनवरी माह के लिए 3939.795 एमटी गेहूं और 1796 एमटी चावल का आवंटन शासन ने किया है।