बांदा। मासूम बेटी के साथ हुई दरिंदगी की घटना बताते हुए माता-पिता फफक पड़े। मां ने बताया कि घटना के एक सप्ताह पहले उसे बेटा हुआ था। वह सोहर में थी। तीन जून की दोपहर करीब तीन बजे बेटी छोटी सी बाल्टी में घर के बाहर लगे हैंडपंप से पानी भरकर लाई और बोली कि मां पानी पी लेना और भइया को भी पिला देना। उसके बाद वह खेलने चली गई। उसके बाद बेटी का मुंह नहीं देखा।
मां ने बताया कि तीन बजे बेटी घर से निकली थी। जब वह पांच बजे तक घर नहीं आई तो पति से बताया। इसके बाद दोनों लोग गांव में सोहर की हालत में उसे तलाशने के लिए निकले। शाम करीब छह बजे अपने घर से 10 कदम की दूरी पर आरोपी सुनील निषाद को साइकिल से आते देखा तो पूछा कि उसकी बेटी कहां हैं, क्या किया उसके साथ। इस पर आरोपी ने बड़ी ही दबंगई से कहा कि तुम्हारी बेटी से सुपारी पान मसाला मंगाया था, अब कहां है उसे क्या पता।
मां ने देखा कि सुनील के पैंट में खून के साथ ही गंदगी लगी थी। वह उसकी तरफ झपटी तो अपने घर के अंदर घुस गया। घर के अंदर से अपने पिता की लाइसेंसी दोनाली बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। इस पर सभी को शक हो गया था। शक के आधार पर रात नौ बजे तक जब उनकी बेटी नहीं मिली तो पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने आरोपी को घेरकर मुठभेड़ में घायल कर पकड़ा था। उसकी निशानदेही में गांव से तकरीबन 10 किलोमीटर दूर पदारथपुर गांव के जंगल की झाड़ियों से बच्ची को मरणासन्न हालत में बरामद किया था।
तीन जून को दरिंदगी का घटनाक्रम
दोपहर तीन बजे : मासूम हुई लापता।
शाम छह बजे : मां ने आरोपी के कपड़ों में लगे खून और गंदगी से जताया शक।
रात नौ बजे : परिजनों ने चिल्ला थाने मासूम के लापता होने और अनहोनी की दी सूचना।
11:50 बजे : पिता ने आरोपी के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट।
रात दो बजे : आरोपी की निशानदेही पर पदारथपुर के जंगल से मासूम को किया बरामद।
रात ढाई बजे : मासूम को गंभीर हालत में जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में कराया गया भर्ती।
4 जून का घटनाक्रम
सुबह 4 बजे : मासूम को जिला अस्पताल से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज किया गया रेफर।
सुबह 4:30 बजे : मासूम को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में किया भर्ती।
दोपहर 12 बजे : मासूम को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज से कानपुर हैलट के लिए किया गया रेफर।
दोपहर 1:15 बजे एसएसआई राम दिनेश तिवारी ने आरोपी के खिलाफ मुठभेड़ की रिपोर्ट चिल्ला थाने में दर्ज कराई।
शाम से कानपुर हैलट में चला मासूम का इलाज।
11 जून- सुबह चार बजे : कानपुर हैलट में पीडियाट्रिक आईसीयू में मासूम ने ली अंतिम सांस
पिता करते हैं बेलदारी का काम
बांदा। तीन वर्षीय मासूम के पिता मजदूर पेशा हैं। वह बेलदारी का काम करते हैं। उनकी एक बेटी सात साल, दूसरी पांच साल और तीसरी बेटी तीन साल की थी। एक 11 दिन का बेटा है। मकान कच्चा है। पूरा परिवार दाई-बाबा के साथ रहता है।
दो माह पहले शराब पिलाने को लेकर आरोपी से हुई थी मुहाचांही
बांदा। मां ने बताया कि दो महीने पहले आरोपी सुनील ने उसके पति को शराब पिलाई थी। इस पर उसने एतराज जताया था। उससे कहा था कि उसके पति को शराब न पिलाया करो। यह बात आरोपी को नागवार गुजरी थी। उसने धमकी दी थी कि इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। दो महीने बाद उसने उसकी बेटी के साथ दरिंदगी करके उसी बात की खुन्नस निकाली है। मां ने बताया कि उसका पति और आरोपी एक साथ मजदूरी पर जाते थे। उन्हें नहीं पता था कि छोटी सी बात की इतनी बड़ी खुन्नस में निकालेगा।