बांदा। जनपद में खरीफ फसलों के लिए किसानों को यूरिया खाद की जरूरत है। इसके लिए वह समितियों में चक्कर लगा रहे हैं। खाद का भरपूर स्टाॅक होने के बावजूद किसानों को समितियों से बैरंग लौटाया जा रहा है। तमाम चहेते किसानों को एक आधार कार्ड पर 40 से 50 बोरी खाद थमा दी जा रही है।जिन किसानों ने खरीफ सीजन में 40 से ज्यादा यूरिया बैग बिक्री केंद्रों से खरीदे हैं, अब उनकी जिला कृषि विभाग जांच करेगा। जिले में ऐसे छह किसान सामने आए हैं।
जिले में करीब साढ़े तीन लाख हेक्टेयर जमीन है। इसमें से करीब सवा तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में रबी, खरीफ और जायद की फसलें की जाती हैं। इस वर्ष 1.32 लाख हेक्टेयर में खरीफ की फसलें बोई गई हैं। धान की खेती 67765 हेक्टेयर में की गई है। इसके अलावा तिल मूंग, उर्द, अरहर की फसलें भी बोई गई हैं। धान की रोपाई के बाद अब किसानों को उसमें यूरिया व डीएपी खाद की जरूरत है। किसानों का कहना है कि यदि धान की रोपाई के बाद उसमें यूरिया का छिड़काव न करने पर फसल पीली पड़ जाएगी और उत्पादन भी प्रभावित होगा। जिले भर में 43 सहकारी समितियों सहित करीब 102 बिक्री केंद्रों से यूरिया व खाद की बिक्री की जा रही है। ज्यादातर समितियों में खाद का स्टाक न होने से ताले लटक रहे हैं, जिन समितियों में खाद है, वहां पहले चहेतों किसानों को भरपूर खाद दी जा रही है, फिर आम किसानों का नंबर आता है। ऐसे केंद्र प्रभारियों व किसानों पर अब कृषि विभाग ने शिकंजा कसने की तैयारी की है, जो जरूरत से ज्यादा खाद किसानों को पकड़ा रहे हैं।दरअसल, सरकार व विभाग के पास यह बात सामने आई है कि किसान खाद का स्टॉक कर रहे हैं। अधिकतर किसानों ने तो अगले रबी सीजन के लिए डीएपी व यूरिया खाद का स्टॉक करना अभी से शुरू कर दिया है।
- मुख्यालय से जारी की गई सूची
अब कृषि निदेशालय की ओर से जिला स्तर पर कृषि कार्यालयों को पत्र जारी किया गया है। इसमें ऐसे किसानों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा बैग खरीदे हैं। चिह्नित किए गए किसानों में अंदौरा निवासी किसान अब्दुल कादिर ने 50 बोरी, बगेहटा निवासी चंद्रमोहन ने 45 बोरी, गौरीकला निवासी सुमेश ने 45 बोरी, मुसीवां गांव निवासी राम सिंह ने 44 बोरी, चिरौंजीलाल ने 40 बोरी, अतर्रा फार्म के सत्यनारायण ने 40 बोरी यूरिया खाद खरीदी है।
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वर्जन
- शासन स्तर से अधिक खाद लेने वाले किसानों को चिंहित किया गया है। जिले के 6 किसानों ने 40 से 50 बोरी यूरिया खरीदी है। जांच कर रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। जिन दुकानों में गड़बड़ी हुई है उन पर कार्रवाई की जाएगी। - संजय कुमार, जिला कृषि अधिकारी बांदा
-मंडल में पीसीएफ के गोदामों में खाद का पर्याप्त स्टॉक है। महोबा व बांदा के लिए यूरिया खाद की रैक लगी हैं, जो जल्दी आ जाएंगी। समितियों में लगातार खाद भेजी जा रही है। -प्रवीण कुमार यादव, क्षेत्रीय प्रबंधक, पीसीएफ
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