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प्रधानाध्यापक को पुलिस ने बेरहमी से पीटा

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बांदा। आपराधिक घटनाएं रोकने के लिए पुलिस अधिकारी आमजन का सहयोग मांगते हैं, लेकिन चमरौडी में हुई घटना प्रकरण पर आमजन के साथ ही पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है। घर में सो रहे प्रधानाध्यापक को जबरन उठाकर पुलिस कोतवाली ले गई और बेरहमी से पीटा।
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इसी तरह बालिका के शव की सूचना देने वाले युवक के साथ भी पुलिस ने मारपीट की। आईजी के. सत्यनारायणा ने सीओ सिटी को जांच के आदेश दिए हैं। चमरौडी निवासी योगेंद्र कुमार निर्भय का डेरा (बबेरू) में प्रधानाध्यापक है। आरोप है कि देर रात पुलिस उसके छत के रास्ते से घर के अंदर घुस आई और उसे जबरन उठाकर कोतवाली ले गए।
जबरन जुर्म कुबूल कराने का दबाव बनाते हुए उसे बेरहमी से पीटा गया। गंभीर चोटें आई हैं, जबकि बालिका की हत्या और आरोपी परिवार से उसका कोई लेनादेना नहीं है। घर का सामान और स्कूल के अभिलेख भी पुलिस ने बिखेर दिए थे। उसने आईजी को अर्जी देकर दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई का अनुरोध किया है।
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जिला अस्पताल में डाक्टरी परीक्षण कराया। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर दी है। इसी मोहल्ले के रहने वाले अखिलेश वर्मा ने भी पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि शव पड़े होने की सूचना देने पर पुलिस ने उल्टा उसी को पकड़ लिया। कोतवाली ले जाकर मारपीट की। जांच के लिए उसका पैंट अपने कब्जे में ले लिया।
मुख्य आरोपियों के पकड़े जाने के बाद सुबह उसे छोड़ा गया। इस बाबत सीओ सिटी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि अखिलेश का आरोपी के घर आना-जाना रहा है। आरोपियों के इशारे पर ही उसने शव की सूचना दी थी। जांच की जा रही है।
प्रधानाध्यापक उनसे मिले हैं। पुलिस द्वारा की गई मारपीट के संबंध में शिकायतीपत्र दिया है। उन्होंने सीओ सिटी को जांच के आदेश दिए हैं। जांच में जो दोषी होगा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- के. सत्यनारायणा, आईजी, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र
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