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सरकार ने ठेंगा दिखाया, हमदर्दों ने दिए 17 हजार

Sat, 06 Feb 2016 11:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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बांदा। खेती चौपट होने से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले किसान के आश्रित बच्चों को सरकार ने भले ही कोई मदद न दी हो पर समाजसेवी और मीडिया ने मृतक के घर के चूल्हे जलाने का कुछ इंतजाम किया है।
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31 जनवरी को सदर तहसील के खौड़ा गांव के दतरौली मजरा (बेंदाघाट) निवासी लगभग 40 वर्षीय किसान रामसिंह ने फांसी लगाकर जान दे दी थी।

उसके पास तीन बीघा जमीन थी, लेकिन इसमें कोई फसल नहीं हुई। बीपीएल कार्ड धारक होने के बावजूद कोटे से राशन नहीं मिला। इसी से क्षुब्ध होकर राम सिंह ने फांसी लगा ली।

प्रशासन और शासन ने मृतक की विधवा और मासूम बच्चों को कोई मदद नहीं दी है। सिर्फ कोटेदार से कुछ राशन दिला दिया है।

शुक्रवार को ‘अन्नदाता की आखत’ अभियान के संयोजक आशीष सागर ने बताया कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य दलपत सिंह ने 10 हजार रुपये और सपा नेता रामकरण सिंह उर्फ बच्चन ने पांच हजार रुपये मृतक किसान के बच्चों को दिए हैं।
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उधर, दिल्ली से आए वरिष्ठ पत्रकार अरुण त्रिपाठी भी मृतक के घर पहुंचे और मृतक के बच्चों को सांत्वना देने के साथ ही दो हजार रुपये प्रदान किए। अरुण त्रिपाठी बुंदेलखंड के किसानों की हालत पर अध्ययन के लिए आए हैं।
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