बांदा। ससुराल में युवती ने कांच पीसकर पी लिया। कुछ देर बाद जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि उसने अंधविश्वास के चलते यह कदम उठाया। मजदूर पेशा पति लॉकडाउन में गुजरात में फंसा है। उधर, अलग-अलग घटनाओं में दो युवतियों ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पैलानी थाना क्षेत्र के बड़ागांव निवासी संगीता (30) पत्नी दुर्योधन ने मंगलवार को सुबह घर में कांच पीसकर पानी के साथ पी लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। यहां दोपहर को उसकी मौत हो गई। घटना के वक्त घर में उसकी दो नाबालिग पुत्रियां थीं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। मृतका की मां बुुधौलिया (पिपरोदर) ने बताया कि संगीता के दो पुत्रियां शारदा (6) और 6 माह की खुशबू हैं। परिजनों ने बताया कि सोमवार को पूजन कराया था लेकिन संगीता इसमें शामिल नहीं हुई।
उधर, गिरवां थाना क्षेत्र के सौंता स्योढ़ा गांव में कृष्णा देवी (25) ने सोमवार को शाम जहरीला पदार्थ खा लिया। उसे नाजुक अवस्था में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। दूसरी घटना में नरैनी कोतवाली क्षेत्र के दिवली गांव में उत्तरा सिंह (30) ने ससुराल में सोमवार की शाम जहरीला पदार्थ खा लिया। जिला अस्पताल के डाक्टरों ने हालत नाजुक बताई है। दोनों ही घटनाओं में परिजन घटना की वजह स्पष्ट नहीं कर सके।
एक अन्य घटना में शहर के शंकर नगर निवासी साक्षी (14) पुत्री वीरेंद्र मंगलवार को सुबह खाना बना रही थी। तभी गैस पाइप लीकेज से लगी आग ने उसको चपेट में ले लिया। परिजनों ने बमुश्किल आग बुझाई। हालांकि परिजनों व पड़ोसियों ने घर को आग की चपेट में आने से बचा लिया।