जिला अस्पताल के मोर्चरी हाउस में रोती नीतेश की मां और बहनें।
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बांदा। घर के कमरे में फर्नीचर मिस्त्री ने सोमवार को सुबह फंदा लगाकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला।
शहर कोतवाली क्षेत्र के कांशीराम काॅलोनी, हरदौली के ब्लॉक 26 की कालोनी नंबर 413 निवासी कैलाश ने बताया कि बेटे नीतेश (20) ने सोमवार को सुबह साढ़े छह बजे करीब कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर बहन के दुपट्टे से पंखे से फंदा लगा लिया। बताया कि नीतेश की छोटी बहन बाबू नीतेश के साथ कमरे में सो रही थी। सुबह साढ़े पांच बजे करीब नीतेश ने उसे उठाकर बाहर हाल वाले कमरे में लिटा दिया और खुद कमरे के अंदर चला गया था।
सुबह होने पर जब वह सब सोकर उठे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज लगाई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया न होने पर पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। पिता के मुताबिक, वह कालोनी में सब्जी की दुकान किए हैं। घर में नीतेश की मां कौशल्या हैं। नीतेश तीन बहनों में एकलौता था। बताया कि चार दिन से वह घर में रह रहा था। किसी से कोई बात नहीं कर रहा था। वह मानसिक रूप से परेशान था। फर्नीचर की साइट में भी नहीं जा रहा था। इसी के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है। शहर कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि परिजन कोई ठोस वजह नहीं बता सके हैं। प्रथम दृष्टया खुदकुशी है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।