बांदा। बच्चों के साथ यौन शोषण में न्यायालय में विचाराधीन मामले में आरोपी इंजीनियर आकिफ शनिवार को अदालत नहीं पहुंचा। अधिवक्ता ने पेशी के दौरान हाजिरी माफी की अर्जी लगाई। मुख्य गवाह बैंक प्रबंधक मनोज गौतम के न्यायालय में न आने से मामले की जिरह नहीं हो सकी। इस मामले में फांसी की सजा पा चुके दोषी सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन की पेशी कराई गई। न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई अब 27 अप्रैल नियत की है।
बच्चों के साथ यौन शोषण मामले में सीबीआई की जांच में 20 फरवरी को फांसी की सजा पा चुके सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन व सह आरोपी दिल्ली के इंजीनियर मोहम्मद आकिफ के खिलाफ आईटी एक्ट व संगठित होकर अपराध करने की साजिश करने की बात सामने आई थी। दोनों के खिलाफ 31 अक्टूबर 2020 में दिल्ली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
वर्ष 2021 में न्यायालय में विचाराधीन मामले में आरोप तय किए थे। इस मामले में अब गवाहों को पेश किए जाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आकिफ के अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने न्यायालय में आकिफ की ओर से हाजिरी माफी की अर्जी दी है। दूसरी तरफ मंडल कारागार में निरुद्ध कैदी नंबर 41 फांसी की सजा पाए निलंबित जेई रामभवन ने न्यायालय में हाजिर होकर अपनी हाजिरी पूरी की।