बांदा। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में युवक और किशोरी ने फंदा लगाकर जान दे दी। बबेरू कोतवाली व बिसंडा थाना क्षेत्र में दोनों घटनाएं हुईं। दोनों परिजन इस आत्मघाती कदम की कोई ठोस वजह नहीं बता सके हैं।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के राघव थोक निवासी राहुल (20) ने शनिवार की देर शाम अपने घर के कमरे में छत में लगे पंखे के छल्ले से रस्सी से फंदा लगा लिया। बड़ी बहन काम करके लौटी तो उसने उसे फंदे से लटका पाया। पोस्टमार्टम हाउस में बड़ी बहन रजनी धुरिया ने बताया कि उनके पिता कमलेश धुरिया की 10 साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है, जबकि मां बचपन में गुजर गई थी। वह दो भाई, दो बहन हैं। एक भाई व एक बहन की शादी हो चुकी है। वह अलग रहते हैं। घर में सिर्फ रजनी और राहुल रहते थे। रजनी ने बताया कि वह दूसरे के घरों में खाना बनाने का काम करती है। घटना वाले दिन भाई राहुल से उससे समोसा लाने के लिए कहा था। वह शाम को समोसा लेकर घर पहुंची तो वह फंदे से लटका मिला। बबेरू कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि परिजन कोई ठोस वजह नहीं बता सके हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
उधर, बिसंडा थाना क्षेत्र के दगलहा पुरवा गांव निवासी कंचन देवी (15) ने रात में किसी समय अपने घर के हाते पर लगे बबूल के पेड़ से दुपट्टे से फंदा लगा लिया। सुबह पड़ोसियों ने देखा तो परिजनों को जानकारी हो सकी। पोस्टमार्टम हाउस में पिता महेश प्रसाद ने बताया कि रात में कंचन ने उसे खाना खाने को दिया था। उसके बाद वह लघुशंका के लिए घर से बाहर गई थी। इस बीच वह सो गया। सुबह उठा तो कंचन फंदे से लटकी मिली। बताया कि पांच बहन दो भाई में तीसरे नंबर की थी। दो बेटियों की शादी हो चुकी है। पिता पल्लेदारी करते हैं। वह भूमिहीन हैं। मां रूपरानी की तबियत खराब रहती है।
घटना के संबंध में बिसंडा थाना इंस्पेक्टर सुरेश सैनी ने बताया कि पिता ने घरेलू कामकाज को लेकर डांटने की बात बताई है। प्रथम दृष्टया खुदकुशी है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।