जाम लगाए महिलाओं को समझाती पुलिस।
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बांदा। केन नदी से बालू ढोने पर रोक लगाने से भड़के गधेड़ों ने जानवरों के साथ इलाहाबाद-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम कर दिया। खच्चरों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने डंडा चलाया तो महिलाएं उत्तेजित हो गईं। पुलिस कर्मियों को डंडा लेकर दौड़ा लिया। लगभग डेढ़ घंटे तक जमकर उत्पात किया। अधिकारियों के भरोसे के बाद हंगामा शांत हुआ।
अशोक लाट स्वतंत्रता स्मारक में खच्चर मालिक और मजदूर क्रमिक अनशन पर बैठ गए। 16 अप्रैल से आमरण शुरू कर दिया। दो दिन बीतने के बाद भी अधिकारियों ने तवज्जो नहीं दी तो नाराज खच्चर मालिक अपने जानवरों के साथ सड़क पर आ गए। राष्ट्रीय राजमार्ग में संकट मोचन मंदिर के पास लगभग 200 खच्चरों को इकट्ठा कर जाम लगा दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। तमाम वाहन व पैदल राहगीर खच्चरों के बीच फंस गए। सूचना पाकर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने डंडों के सहारे जानवरों को सड़क से हटाने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारी महिलाएं आपा खो बैठीं। उल्टा पुलिस कर्मियों को दौड़ा लिया।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक डीपी तिवारी व मटौंध थानाध्यक्ष अनीता सिंह चौहान व उप निरीक्षक रेहाना यासमीन ने देर तक समझाने की कोशिश की लेकिन वे मांगों पर अड़ी रहीं। चेतावनी दी कि बालू ढोने की अनुमति मिलने के बाद ही सड़क खाली होगी। कुछ देर बाद क्षेत्राधिकारी नगर डॉ. राकेश कुमार मिश्र और उप जिलाधिकारी आए और समस्या निस्तारण के लिए 10 दिन की मोहलत मांगी। तब जाम खत्म हुआ। मौके पर दिए ज्ञापन में शीघ्र खच्चरों पर बालू ढोने की अनुमति देने की मांग की। इस अवसर पर राजेश कुमार, रामशरन, हिम्मत, रामबेटा, मुकेश कुमार, राकेश कुमार, गोलू, शीलू, लालू, राजेंद्र कुमार, नरेंद्र प्रजापति, विशाल आदि शामिल रहे।