बांदा। अतर्रा के उपजिलाधिकारी राहुल द्विवेदी पर ओवरलोड ट्रक छोड़ने के एवज में 42 हजार रुपये लेने के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। मामले में बैंक लेनदेन की जांच पूरी होने के बाद यह सामने आया है कि संबंधित रकम अहमदाबाद के ईसानपुर निवासी ललित के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की गई थी। एलडीएम ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है।
बीते दिनों चित्रकूट निवासी ट्रक मालिक अभयराज शुक्ला ने आरोप लगाया था कि अतर्रा क्षेत्र में उनके ओवरलोड ट्रक को एसडीएम की टीम ने रोक लिया था। कार्रवाई से बचाने के लिए कथित तौर पर एसडीएम के चालक ने एक स्कैनर उपलब्ध कराया, जिसके माध्यम से 42 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए। रकम ट्रांसफर होते ही ट्रक को छोड़ दिया गया। मामले की शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन की जांच कराई गई। जांच में यह पुष्टि हुई कि संबंधित धनराशि अहमदाबाद निवासी ललित के खाते में भेजी गई थी।
वहीं शंकर बाजार कर्वी निवासी अभय कुमार शुक्ला ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती-पत्र में एसडीएम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग उठाई है। पत्र में पीड़ित ने कहा है कि एसडीएम ने उन्हें धमका कर अपने ड्राइवर मोनू यादव के माध्यम से अपने किसी परिचित ललित सिंह के खाते में पैसे ऑनलाइन भुगतान करवा लिया था। इधर, उपजिलाधिकारी राहुल द्विवेदी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें भ्रामक और निराधार बताया है।
वहीं जिलाधिकारी ने कहा है कि प्रकरण की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों को गंभीरता से परखा जा रहा है। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया खाताधारक एक मजदूर है। जिसे पता नहीं है कि रुपये किसने और क्यों भेजा है। जांच जारी है।