= राहत की अर्जी खारिज, गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में कुर्क कार और पोकलैंड मशीन पर फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में कुर्क की गई लगभग 41.66 लाख रुपये की संपत्ति को मुक्त कराने की अर्जी पर विशेष गैंगस्टर न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने कानपुर नगर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के साहब नगर निवासी विकास कुमार गुप्ता की ओर से दाखिल आवेदन निरस्त कर दिया है। न्यायालय ने कार और पोकलैंड मशीन को कुर्की से मुक्त करने की मांग स्वीकार नहीं की।
मामला थाना कालिंजर, में दर्ज गैंगस्टर के मुकदमा से है। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे से संबंधित कार्रवाई के दौरान जिला मजिस्ट्रेट ने संपत्तियों की कुर्की का आदेश पारित किया था। इसके विरुद्ध संपत्ति मुक्त कराने के लिए न्यायालय में आवेदन दाखिल किया गया था। कुर्क संपत्ति में 41.66 लाख की कार और पोकलैंड मशीन कुर्क की गईं थीं। आवेदक की ओर से दलील दी गई कि उसके पास कृषि भूमि, ठेकेदारी, व्यवसाय तथा अन्य माध्यमों से आय के स्रोत हैं। कार की खरीद के लिए वित्तीय सुविधा लेने तथा पोकलैंड मशीन को किराये पर चलाकर आय प्राप्त करने का भी दावा किया गया। इसके समर्थन में आयकर रिटर्न, कृषि भूमि से संबंधित अभिलेख, मशीन की किस्तों के विवरण तथा अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। विशेष लोक अभियोजक (गैंगस्टर एक्ट) ने राज्य की ओर से पक्ष रखते हुए संपत्ति को मुक्त किए जाने का विरोध किया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि संपत्तियों की खरीद के लिए वैध आय का स्रोत ठोस और विश्वसनीय दस्तावेजों से स्थापित होना आवश्यक है। केवल व्यवसाय, कृषि और किराये से आय प्राप्त होने का दावा करना पर्याप्त नहीं है। न्यायालय ने पाया कि आवेदक की ओर से प्रस्तुत वित्तीय दस्तावेजों के आधार पर विवादित संपत्तियों की खरीद के लिए पर्याप्त वैध आय का संतोषजनक स्रोत स्थापित नहीं हो सका।
न्यायालय ने कृषि भूमि से आय प्राप्त होने तथा मशीन और कार को किराये पर चलाने के दावों से संबंधित दस्तावेजों पर भी विचार किया। निर्णय में उपलब्ध अभिलेखों की पर्याप्तता और आय के दावों के समर्थन में साक्ष्यों की कमी को महत्वपूर्ण माना गया। दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के बाद विशेष न्यायालय ने संपत्ति मुक्त कराने के आवेदन को स्वीकार करने का आधार नहीं पाया। न्यायालय ने आवेदन को खारिज कर दिया है।