बांदा। मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध लक्ष्मी नारायन मंदिर की जमीन में हेराफेरी करके भूमि को प्लाटों में बेचा जा रहा है। अभिलेखों में वरासत गलत दर्ज कराई है। श्रद्धालुओं और हिंदू युवा वाहिनी ने एसडीएम को अर्जी देकर तत्काल प्रभाव से जमीन की बिक्री और वहां हो रहे निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है। मंदिर की जमीन बचाने की मांग करने वालों में मुस्लिम वर्ग के लोग भी शामिल है। एसडीएम ने संवेदनशील मामले में सदर तहसीलदार को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शहर के अलीगंज निवासी और हिंदू युवा वाहिनी, नगर पालिका सभासद आदि ने संयुक्त हस्ताक्षरों से गुरुवार को एसडीएम सदर को दिए ज्ञापन में कहा कि भगवान लक्ष्मी नारायन विराजमान मंदिर 100 वर्ष पुराना है। इसमें हनुमान मंदिर, अखाड़ा और कुंआ आदि है। वे सब इसके सदस्य हैं।
आरोप लगाया कि मंदिर की भूमि में हेराफेरी करके इसकी खरीद फरोख्त हो रही है। लेखपाल ने जमीन की नाप की है, लेकिन खतौनी में मंदिर का गाटा अलग दर्ज नहीं किया। अब इसे कुछ दबंग प्लाट बनाकर बेच रहे है और निर्माण हो रहा है। भूमि मालिक पर अभिलेखों में गलत वरासत दर्ज कराने का भी आरोप लगाया। कहा कि मंदिर की जमीन को लेकर एसडीएम न्यायालय में मुकदमा भी विचाराधीन है। एसडीएम ने तहसीलदार बांदा को आवश्यक कारवाई के निर्देश दिए हैं।
ज्ञापन देने वालों में मैथिलीशरण अवस्थी उर्फ रजोला महाराज (जिला संयोजक हिंदू युवा वाहिनी), संतशरण अवस्थी, सर्वेश, अनिल, शैलेंद्र त्रिपाठी, इश्त्यिाक, ओमप्रकाश, शिवकुमार कुशवाहा, रामबाबू सेन, मुकेश द्विवेदी, सरफराज अली, रफीक खां, ज्ञानेंद्र सिंह, उत्तम, शेखर सिंह, हिमांशु कुशवाहा भी शामिल रहे।