बांदा। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए भगवान महावीर की जयंती घर-घर मनाई गई। दिगंबर जैन चैत्यालय के पुजारी ने स्त्रोत्र पाठ करते हुए भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा का महाभिषेक किया।
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जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर के पांच बड़े मंदिर हैं। प्रत्येक साल झंडा चौराहा (छोटी बाजार) श्रीतारण तरण दिगंबर जैन मंदिर से हर साल जयंती के अवसर पर बैंडबाजों के साथ पालकी यात्रा निकाली जाती थी। पालकी यात्रा में भगवान महावीर को स्वर्ण आभा वाली पालकी में विराजमान कराया जाता है। इस बार कोरोना संक्रमण बढ़ने से जैन अनुयायियों ने पीले वस्त्र धारण कर विधि विधान से पूजा करते हुए ग्रंथों की आरती उतारी।
जैनाचार्यों के आशीर्वाद से अपने आवास में ही जन्मोत्सव की खुशियां मनाई। मीडिया प्रभारी दिलीप जैन ने बताया कि इस बार भगवान महावीर स्वामी की जयंती आत्मदर्शन के लिए मनाई गई। मंदिर में पुजारी ने स्त्रोत्र पाठ करते हुए भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा का महाभिषेक किया।