बांदा। नवागत मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने मंडल के चारों मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वैक्सीन/टीकाकरण में ढिलाई बरतने वाले कर्मचारियों का वेतन रोक दें। जिन सरकारी अस्पतालों में प्रसव कम होगा उस क्षेत्र की जांच कराई जाएगी। वैक्सीनेशन की तैयारियां चुस्त रखते हुए जिन्हें यह टीका लगाया जाना है, उन सभी को व्यक्तिगत सूचना दी जाए।
सर्किट हाउस में बृहस्पतिवार को पहली मंडल स्तरीय बैठक में आयुक्त ने कहा कि पात्रों को पेंशन के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इनके आवेदन 31 जनवरी तक निस्तारित हों। ज्यादा से ज्यादा प्रसव सरकारी अस्पतालों में कराए जाएं। एएनएम व आशा गर्भवती महिलाओं के संपर्क में रहें। चारों जनपदों के डीएम को निर्देश दिए कि अभियान चलाकर गोल्डन कार्ड बनवाएं और हेल्थ वेलनेस सेंटर निर्माण शीघ्र पूरा कराएं।
सीएमओ से कहा कि अपने जनपद में सीएचसी और पीएचसी का नियमित निरीक्षण करें। पंचायती राज उप निदेशक को निर्देश दिए कि पंचायत भवनों में ही ग्राम पंचायत सचिवालय संचालित कराया जाए। वहीं अफसरों, कर्मियों के बैठने की व्यवस्था हो। दीवार पर उनके फोन नंबर अंकित कराएं। अधूरे सामुदायिक शौचालय 31 जनवरी तक पूरा कराने के निर्देश दिए।
पौधरोपण समीक्षा में आयुक्त ने सभी विभागों को कहा कि भूमि पहले से चिह्नित कर लें। कृषि विभाग को निर्देश दिए कि किसानों को खेती के साथ पशुपालन, मछली पालन, उद्यानीकरण के प्रति भी प्रेरित करें। कुपोषित बच्चों को संभ्रांत व्यक्तियों को गोद लेने के लिए प्रेरणा दें। डीएम से कहा कि 50 लाख से ऊपर की परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करें।
बैठक में बांदा डीएम आनंद कुमार सिंह, चित्रकूट डीएम शेषमणि पांडेय, महोबा डीएम सत्येंद्र कुमार, हमीरपुर डीएम ज्ञानेश्वर त्रिपाठी, बांदा सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, चित्रकूट सीडीओ अमित आसरी, महोबा सीडीओ डा. हरीचरण सिंह समेत जेडीसी रमेशचंद्र पांडेय, मुख्य अभियंता केशव प्रसाद, पीडब्ल्यूडी एसई एमसी जैन, संयुक्त निदेशक उमेशचंद्र कटियार, उप निदेशक (सूचना) भूपेंद्र सिंह यादव आदि मौजूद थे।