उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद की लापरवाही से बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। परीक्षा परिणाम में भारी गड़बड़ी से पूरे प्रदेश के हजारों छात्र आक्रोशित हैं। यहां भी तमाम इंजीनियरिंग छात्रों ने शुक्रवार को विरोध जताया। प्रदेश सरकार से मांग की कि दुरुस्त नतीजे शीघ्र घोषित किए जाएं। ताकि छात्रों को अगली कक्षा में दाखिला मिल जाए।
छात्रों ने बताया कि पिछले वर्ष 2014-15 में उन्होंने मैकेनिकल सिविल ट्रेड से पॉलीटेक्निक प्रथम वर्ष की परीक्षा दी थी। यह छात्र केसीएनआईटी में अध्ययनरत हैं। छात्रों ने बताया कि प्राविधिक परिषद ने जो नतीजे घोषित किए उसमें अधिकांश छात्रों को परीक्षा से अनुपस्थित दर्शा दिया गया।
कुछ छात्रों को तीन या चार विषय में अनुत्तीर्ण कर दिया गया। छात्रों ने बताया कि कालेज प्रशासन का कहना है कि परीक्षा का गजट अपलोड करने में प्राविधिक शिक्षा परिषद से गलती हुई है। छात्र लखनऊ स्थित परिषद गए तो वहां 15 अगस्त तक दोबारा संशोधित नतीजा अपलोड करने का भरोसा दिलाया गया, पर यह आज तक नहीं हुआ।
कुछ छात्रों को लखनऊ में परिषद कार्यालय के सामने पुलिस ने लाठियों से पीटकर खदेड़ दिया। परिषद के सचिव ने तीन-चार दिन में संशोधित गजट अपलोड कराने का आश्वासन दिया था। यह भी आश्वासन ही साबित हुआ।
बांदा के लोमश श्रीवास्तव, हिमांशु गुप्ता, शशांक सिंह, योगेश कुमार, सर्वेश कुशवाहा, सौरभ राजपूत, तुलसीशरन, अमन प्रताप सिंह, प्रशांत त्रिवेदी, राहुल त्रिपाठी, प्रज्ञाकांत सोनी, प्रशांत सिंह, सोनू सिंह, सचिन कुशवाहा, विवेक सिंह, रूपेश कुमार, जितेंद्र सरोज, ललित मोहन, मुकेश सरोज, लवनारायन द्विवेदी आदि छात्रों ने कहा कि नतीजा संशोधित न होने से वे अगली कक्षा में प्रवेश नहीं ले पा रहे। आरोप लगाया कि रेगुलर कालेजों के परिणाम सही घोषित हुए हैं। परिषद ने प्राइवेट कालेजों के छात्रों के साथ खिलवाड़ किया है।