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- फोटो : BANDA
बांदा। 15 वर्षीय किशोरी की शादी की चल रही तैयारियां धरी रह गईं। एसडीएम के निर्देश पर महिला शक्ति केंद्र की टीम ने किशोरी के घर जाकर बाल वर-वधू को नाबालिग उम्र में शादी न करने के लिए राजी कर लिया। उनके परिजनों को भी संतुष्ट किया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मवई बुजुर्ग गांव निवासी एक व्यक्ति की 15 वर्षीय पुत्री की शादी इसी माह होने जा रही थी। इसकी खबर मिलने पर एसडीएम सुधीर कुमार ने बृहस्पतिवार को महिला शक्ति केंद्र की अधिकारी आकांक्षा सिंह के नेतृत्व में किशोरी के घर टीम भेजी। महिला कल्याण अधिकारी आकांक्षा ने बालिका और बालक को समझाते हुए कहा कि यह उम्र शादी की नहीं, बल्कि पढ़ाई-लिखाई की है, बालिग होने पर शादी करें। उनके माता-पिता को भी इसके लिए समझाया। किशोर-किशोरी और उनके माता-पिता शादी न करने के लिए राजी हो गए। शक्ति केंद्र की टीम में कामिनी सिंह और दीपमाला सहित दो पुलिस कांस्टेबल और चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार भी सहयोगी रहे।
उधर, मवई से लौटते समय महिला शक्ति केंद्र की टीम ने सड़क पर घायल अवस्था में स्कूल की छात्रा को देखा। किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से वह घायल हो गई थी। बेहोश छात्रा को महिला कल्याण अधिकारी आकांक्षा सिंह ने अपने वाहन से जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया। छात्रा का नाम पूजा बताया गया है। उपचार के बाद छात्रा को घर भेज दिया गया। महिला कल्याण अधिकारी ने लोगों से कहा कि सड़क हादसों में घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाएं। यह इंसानियत का तकाजा है।