फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

21 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र लिखे डा.शुक्ल ने, शिक्षक संघ ने किया सम्मान

विज्ञापन
सपा क नए प्रकोष्ठ व विधान सभा क्षेत्र अध्यक्ष। - फोटो : BANDA
विज्ञापन
डेढ़ दशकों से भी ज्यादा लंबे समय का कार्यकाल गुजारने के बाद इसी माह सेवानिवृत्त हो रहे पंडित जेएन डिग्री कालेज प्राचार्य डा.नंदलाल शुक्ल का महाविद्यालय के शिक्षक संघ ने सोमवार को समारोह आयोजित कर सम्मानित किया। शिक्षकों ने उनकी बेमिसाल उपलब्धियां और खूबियां बयां कीं।
विज्ञापन

महाविद्यालय के कान्फ्रेंस हॉल में सोशल डिस्टेंसिंग और थर्मल स्क्रीनिंग आदि को अपनाते हुए आयोजित समारोह में अध्यक्षता कर रहे शिक्षक संघ अध्यक्ष डा.रोहित सिंह ने कहा कि डा.शुक्ल ने शिक्षाविद के रूप में अपना कैरियर 29 नवंबर 1980 को अतर्रा पीजी कालेज से शुरू किया। वहां भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष रहे। 26 जून 2003 को जेएन डिग्री कालेज प्राचार्य हुए।
अपने कार्यकाल में कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय सेमिनार में भाग लेकर रिसर्च पेपर पढ़े। उनके खुद के 21 राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय शोध पेपर छपे हैं। अपने निर्देशन में आठ लोगों को पीएचडी कराई। 1979 में श्री शुक्ल को भौतिकी के नोबल प्राइज विजेता का सम्मान मिला।
विज्ञापन

आईआईईपीएम, दिल्ली ने उन्हें बेस्ट शिक्षाविद का अवार्ड दिया। इटली के ट्रिस्टे में रिसर्च किए। मौजूदा में भी वह बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की सभी प्रमुख समितियों के सदस्य हैं। रोहित सिंह ने कहा कि श्री शुक्ल के कुशल नेतृत्व में कालेज को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद द्वारा सर्वोच्च ग्रेड मिला। नकलविहीन परीक्षाओं के लिए महाविद्यालय की पहचान बनी।
शिक्षक केएस कुशवाहा ने कहा कि श्री शुक्ल ने शिक्षकों को हमेशा मेहनत और लगन से पढ़ाने के लिए प्रेरित किया। डा.अशोक सिंह ने कहा कि मानदेय वालों को रेगुलर कराने का श्रेय भी उन्हीं को है। डा.चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ललित ने अभिनंदन पत्र पढ़ा।
डा.शेषनारायण त्रिपाठी ने गजल सुनाई। डा.मनोज अस्थाना, डा.जितेंद्र वाजपेयी, मोहम्मद सलमान करीम, डा.ओमकार, डा.दिव्या, डा.छवि, डा.अर्चना खरे, डा.रामभद्र आदि ने भी श्री शुक्ल को गुलदस्ते और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। प्राचार्य श्री शुक्ल ने सभी का आभार जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें