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सम्मान के लिए सड़कों पर उतरे शिक्षक

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मशाल जुलूस निकालते शिक्षक। - फोटो : BANDA
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बांदा। उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांतीय आह्वान पर गुरुवार को शाम यहां मंडल मुख्यालय में शिक्षकों ने मशाल लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षक सम्मान बचाओ प्रदर्शन के बीच चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुई तो 6 नवंबर को लखनऊ में जबरदस्त प्रदर्शन होगा।
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जीआईसी ग्राउंड से शिक्षकों का मशाल जुलूस स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट के लिए रवाना हुआ। इनका नेतृत्व उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी और संयोजक राजेश तिवारी ने किया। महिला-पुरुष शिक्षक मांगों के समर्थन में नारे लगाते रहे।
शिक्षकों का अपमान बंद करो, पुरानी पेंशन बहाल करो, प्रेरणा एप वापस लो, हर कक्षा में अध्यापक और हर विद्यालय में प्रधानाध्यापक दो के नारे गूंजते रहे। यह भी मांग की कि हरेक विद्यालय में लिपिक व दो चपरासी, बिजली, पंखे, फर्नीचर, चहारदीवारी, शुद्ध पेयजल, राज्य कर्मियों की तर्ज पर एसीपी, कैशलेस चिकित्सा, उपार्जित अवकाश, अंतरजनपदीय स्थानांतरण, शिक्षा सेवा प्राधिकरण की वापसी, विद्यालयों के निजीकरण बंद करने, मृतक शिक्षकों के आश्रितों को अध्यापक पद पर नियुक्त करने, सामूहिक बीमा व परिवार नियोजन भत्ते की बहाली और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांगें शामिल थीं।
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जुलूस में माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री मेजर मिथलेश पांडेय और संघ के अन्य सदस्य सहित प्राथमिक शिक्षक संघ, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ इत्यादि शामिल रहे। महासंघ ने कहा है कि सरकार ने मांगों का स्थाई समाधान नहीं किया तो 6 नवंबर को लखनऊ में ऐतिहासिक धरना होगा। सभी अध्यापक सामूहिक अवकाश लेकर शामिल होंगे।
मशाल जुलूस में अजीत सिंह, हरिओम सिंह, पतिराखन सिंह, सुघर सिंह, प्रजीत सिंह, जयकिशोर दीक्षित, मइयादीन यादव, राजवीर सिंह, छोटेबाबू प्रजापति, हरवंश श्रीवास्तव, इंद्रजीत निषाद, भुवनेंद्र यादव, राजेश द्विवेदी, आशुतोष गौतम, राजेश यादव, चंद्रशेखर त्रिपाठी, संतोष सविता, विनय प्रताप सिंह, सुनील वर्मा, केपी सिंह, जोगेंद्र सिंह, विवेक यादव, मोहम्मद नसीम, निकहत रशीद, पूनम यादव, सुनीता प्रजापति, अंजना अवस्थी आदि शामिल रहीं।
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