बांदा। जमीन की रंजिश में 70 वर्षीय वृद्ध की गोली मारकर हत्या के जुर्म में अभियुक्त को उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अभियुक्त के पिता की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई थी। वह भी इसमें नामजद था। अदालत का यह फैसला घटना के 23 साल बाद आया।
कोतवाली नगर के कुशवाहा नगर निवासी कुलदीप कुशवाहा पुत्र सरजू प्रसाद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 नवंबर 1996 की रात सोते समय उसके पिता सरजू प्रसाद कुशवाहा (70) की घर में घुसकर मर्दननाका निवासी राजा और उसके पिता करीम कुंजड़ा ने गोली मारकर हत्या कर दी।
घटना के पीछे आठ बिस्वा जमीन का धोखाधड़ी कर बैनामा करा लिया जाना बताया। पुलिस ने धारा 302 में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी। दौरान मुकदमा पिता करीम कुंजड़ा की मौत हो गई।
सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद गुरुवार को आरोपी राजा को उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना की 90 फीसदी रकम मृतक के आश्रितों को देने का आदेश दिया है। जमानत पर चल रहा आरोपी राजा फैसला सुनाए जाने के समय अदालत में हाजिर था। उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने पैरवी करते हुए 9 गवाह पेश किए।