Teachers are not available for English medium schools
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बांदा। इंग्लिश मीडिएम में परिविर्तित किए गए 98 परिषदीय विद्यालयों में दो शिक्षा सत्र गुजर जाने के बाद भी पर्याप्त अध्यापक उपलब्ध नहीं हुए। अभी भी इन स्कूलों में 158 टीचरों की कमी है। 410 में 252 शिक्षक कार्यरत हैं।
प्रथम शिक्षा सत्र में 40 व दूसरे शिक्षा सत्र में 58 विद्यालय खोले गए थे। 20 माह बीत जाने के बाद भी इन स्कूलों में अंग्रेजी भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। शैक्षिक सत्र 2018-19 में प्रत्येक विकास खंड के पांच-पांच प्राथमिक (कुल 40) विद्यालय अंग्रेजी स्कूलों में परिवर्तित किए गए थे। मानक के अनुसार इन स्कूलाें में प्रतिस्कूल 4 शिक्षक के हिसाब कुल 164 शिक्षक होना चाहिए। लेकिन विभाग अभी तक इन स्कूलों में महज 70 शिक्षक ही तैनात कर सका है। इनमें 19 विद्यालय एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।
सरकार ने अगले चरण में शैक्षिक सत्र 2019-20 में 50 प्राथमिक व 8 जूनियर विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित कर दिया गया। इन स्कू लों में 250 शिक्षकों की जरूरत है, लेकिन नियुक्ति 186 की ही है। 64 शिक्षकों की कमी है। 9 विद्यालयों में एक ही शिक्षक है। पांच प्राथमिक व सात जूनियर विद्यालयों में अंग्रेजी के शिक्षक ही नहीं हैं। यहां हिंदी के शिक्षक अंग्रेजी पढ़ा रहे हैं। बेसिक शिक्षाधिकारी हरिश्चंद्र नाथ का कहना है कि पूर्व में शिक्षकों के पर्याप्त आवेदन ही नहीं आए थे। द्वितीय चरण की परीक्षा कराने के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं। जल्द ही परीक्षा कराकर चयनित शिक्षकों को अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में भेजा जाएगा।
विभागीय लापरवाही से नहीं हुई नियुक्ति
प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी का कहना है कि अंग्रेजी शिक्षकों की तैनाती नए सत्र में ही हो जाना चाहिए थी लेकिन विभागीय लापरवाही से सभी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई।। इससे पठन पाठन का कार्य प्रभावित है।