नरैनी/ बदौसा/ पैलानी। मोहर्रम की दसवीं पर मुख्यालय के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पारंपरिक ताजिया जुलूस श्रद्धा और अकीदत के साथ निकाले गए। इस दौरान ताजिया व ढालों को क्षेत्रों में भ्रमण कराया गया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और या हुसैन की सदाओं के बीच मातमी माहौल देखने को मिला।
नरैनी में मोहर्रम जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए विभिन्न मोहल्लों और प्रमुख स्थानों से गुजरा। देर शाम ताजियों को इमामबाड़े में रखवा दिया गया, जहां शनिवार को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। एमए हादी नियाजी, डॉ. इसराइल, सिराज सिद्दीकी व अन्य लोगों की ओर से लंगर हुआ। वहीं, हड़हा गांव का करीब 100 फीट ऊंचा ताजिया क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। पनगरा, सराय जदीद, मसौनी, जमवारा, गोरपुरवा, नसेनी और अलाव गांवों में भी इमामबाड़ों और हुसैनी घरों से आलम व ताजियों के साथ जुलूस निकाले गए।
बदौसा में यौमे आशूरा के दिन हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों की याद में ताजिए का जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। इमामबाड़े से शुरू हुआ जुलूस शाम कर्बला पहुंचेगा, जहां धार्मिक परंपरा के अनुसार ताजिए को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। पैलानी तहसील के खप्टिहा कलां गांव में मोहर्रम की दसवीं को मोहर्रम का पर्व अकीदत के साथ मनाया गया। इस दौरान शमसुद्दीन, शहाबुद्दीन, मोहम्मद खालिक, भोला, आरिफ खान मौजूद रहे। इसी तरह जसपुरा ब्लॉक के सिकहुला, रामपुर और गड़रिया गांव में मोहर्रम के अवसर पर अकीदत और आपसी भाईचारे के साथ ताजिया जुलूस निकाले गए।
रात में खेला गया अलाव
बांदा। शहीदाने कर्बला की याद में मनाए मनाए जाने वाले मोहर्रम की 10वीं को ताजियों को कर्बला में सुपुर्दे खाक किया गया। इसके पूर्व शहर के 52 इमामबाड़ों में नौवीं की रात अलाव खेला गया। अकीदतमंदों ने दहकते अंगारों को फूलों की मानिंद हवा में उछालने का मंजर पेश किया। पूरी रात अलाव खेलने के बाद ढाल सवारियां निकाली गईं।
पैलानी के खप्टिहा कलां गांव में ताजिया निकालते अकीदतमंद। संवाद
पैलानी के खप्टिहा कलां गांव में ताजिया निकालते अकीदतमंद। संवाद
पैलानी के खप्टिहा कलां गांव में ताजिया निकालते अकीदतमंद। संवाद
पैलानी के खप्टिहा कलां गांव में ताजिया निकालते अकीदतमंद। संवाद
पैलानी के खप्टिहा कलां गांव में ताजिया निकालते अकीदतमंद। संवाद
पैलानी के खप्टिहा कलां गांव में ताजिया निकालते अकीदतमंद। संवाद