नोट: कृपया पोर्टल पर न डालें....महोबा के लिए भी जरूरी
= आशीष एजेंसी में 49.50 लाख और कृष्णा एजेंसी में 44.58 लाख रुपये की कर चोरी मिली
= कोल्डड्रिंक का स्टॉक कम मिलने और वेस्टेज माल की आईटीसी वापस न करने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। जीएसटी की स्पेशल इन्वेस्टीगेशन ब्रांच (एसआईबी) ने महोबा में दो कोल्डड्रिंक विक्रेता फर्मों पर छापा मारा था। जांच पूरी होने पर अब 94.08 लाख रुपये की कर चोरी सामने आई है। दोनों फर्मों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी और स्टॉक कम मिलने के बाद एसआईबी ने अलग-अलग तारीखों पर यह कार्रवाई की। टीम ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
26 अगस्त को महोबा के सूपा तिराहा स्थित आशीष एजेंसी पर छापा मारा गया था। यहां टीम ने कई घंटे तक अभिलेख खंगालने के साथ ही खरीद और विक्रय के बिल भी कब्जे में लिए थे। जांच के दौरान में बड़ा अंतर सामने आया था। जांच में खरीद के सापेक्ष करीब 1.23 करोड़ रुपये का कोल्डड्रिंक स्टॉक कम मिला। टीम के अनुसार, बिक्री के बाद उसका विवरण जीएसटी में नहीं दिखाया गया था। इस आधार पर फर्म पर 49.50 लाख रुपये की कर देनदारी सामने आई।
इसके बाद 5 सितंबर को महोबा की ही कृष्णा एजेंसी पर कार्रवाई की गई थी। यहां करीब 50 लाख रुपये का कोल्डड्रिंक स्टॉक कम मिला। इस पर करीब 20 लाख रुपये की कर चोरी सामने आई। इसके अलावा वेस्टेज माल के संबंध में 24.58 लाख रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) वापस नहीं की गई थी। दोनों को मिलाकर फर्म पर 44.58 लाख रुपये की कर चोरी मिली। दोनों ही फर्म में सेंट्रल जीएसटी के तहत पंजीकृत हैं।
बता दें कि ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी बांदा एवं एसआईबी प्रभारी संतोष वर्मा के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई थी। जीएसटी अधिकारियों की निगरानी के दौरान महोबा की दो फर्मों के रिकॉर्ड संदिग्ध मिले। इसके बाद उच्चाधिकारियों से अनुमति लेकर एसआईबी टीम ने छापा मारा था। जांच टीम में डिप्टी कमिश्नर अवध कुमार पटेल, असिस्टेंट कमिश्नर प्रशांत सिंह, राज्य कर अधिकारी सुमित कुमार, राजकुमार गुप्ता और आदित्य नारायण शामिल रहे।
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15 प्रतिशत जुर्माना भी देना होगा
कर चोरी पकड़े जाने के बाद दोनों फर्मों को निर्धारित कर राशि जमा करने के साथ 15 प्रतिशत जुर्माना भी जमा करना होगा। तय समय में राशि जमा नहीं करने पर नियमानुसार ब्याज भी देना होगा। डिप्टी कमिश्नर जीएसटी बांदा अवध कुमार पटेल ने बताया कि सभी व्यापारियों को पूरे क्रय-विक्रय के अनुसार ही जीएसटी रिटर्न फाइल करना चाहिए। विभाग की निगरानी में सब है, कहीं भी गड़बड़ी होगी तो तत्काल पकड़ में आ जाएगी। इसके बाद नियमानुसार होने वाली कार्रवाई से बचा नहीं जा सकेगा।
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दोनों फर्मों ने जमा कि 69.50 लाख रुपये
अब तक दोनों फर्मों ने 69.50 लाख रुपये कर धनराशि के रूप में जमा कर दिए हैं। इसमें आशीष एजेंसी ने 49.50 लाख रुपये की संपूर्ण धनराशि जमा की है। वहीं कृष्णा एजेंसी ने अभी स्टॉक में गड़बड़ी मिलने पर कर चोरी की 20 लाख रुपये की धनराशि जमा की है। अभी उन्हें 24.58 लाख रुपये की आईटीसी भी वापस लेनी होगी।