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सुषमा स्वराज ने बांदा के 28 मछुआरों को पाक जेल से कराया था रिहा

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1978 में खप्टिहा कलां गांव में शाम को चुनावी जनसभा संबोधित करतीं सुषमा स्वराज। (फाइल फोटो) - फोटो : BANDA
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तिंदवारी (बांदा)। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के आकस्मिक निधन ने यमुना किनारे आबाद जसईपुर को शोक में डुबो दिया। यह होना स्वभाविक भी था। सुषमा स्वराज ने पिछले साल इस गांव के 28 मछुआरों को पाकिस्तान की जेल से रिहा कराया था। सुषमा के निधन से सभी मछुआरों के घरों में बुधवार को मायूसी का माहौल रहा।
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जसईपुर गांव के मछुआरे हर साल गुजरात में ठेके पर मछली का शिकार करने जाते हैं। 20 मार्च 2014 को समुद्र में पोरबंदर के पास नाव से शिकार करते समय इस गांव के 11 मछुआरों को पाकिस्तान की समुद्री सेना ने गिरफ्तार कर लिया था। ये मछुआरे भूलवश पाकिस्तान की समुद्री सीमा में दाखिल हो गए थे। तब भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज थीं।
उन्होंने अपनी प्रतिनिधि के रूप में साध्वी निरंजन ज्योति को सितंबर 2015 में जसईपुर गांव भेजा था। साध्वी निरंजन ने मछुआरों के परिजनों से मिलकर शीघ्र रिहाई का भरोसा दिलाया था। साथ ही 500-500 रुपये भी दिए थे। सुषमा स्वराज के प्रयासों से पकड़े गए मछुआरे रफीक व सुलेमान उर्फ सिद्दीक पुत्रगण लल्लू खां, संतोष, राजू व छोटेलाल पुत्रगण परसन कोरी, रामसुफल पुत्र शिवमंगल, अमर व राम सिंह पुत्रगण रामराज, कमल व सभाजीत पुत्रगण बाबू, विक्रम पुत्र बाबू वर्मा और ओमप्रकाश पुत्र भैरम आदि रिहा हुए थे। हालांकि अभी भी विवेक पुत्र रामविशाल, बच्चा पुत्र जगन्नाथ श्रीवास, बाबू व चुनकू पुत्रगण प्यारेलाल कुशवाहा और राजू पुत्र विनोद अभी भी पाकिस्तान (कराची) जेल में बंद हैं।
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मछुआरे संतोष, राजू व छोटेलाल कोरी के पिता परसन कोटार्य ने बुधवार को गांव में जैसे ही अमर उजाला प्रतिनिधि के जरिये सुषमा स्वराज के निधन की खबर सुनी, उनके मुख से निकल पड़ा- हे भगवान ये कैसे हो गया? परसन की आंखों से आंसू छलक पड़े। पास में ही उसके तीनों बेटे थे।
कहा कि सुषमा जी के प्रयासों से ये बेटे आज मेरे पास हैं। अन्य मछुआरों के घर में भी सुषमा जी के निधन का सदमा नजर आया। उधर, मछुआरों की लगातार पैरवी करते रहे प्रधान ज्ञानसिंह ने बताया कि सुषमा स्वराज ने उन्हें भी मछुआरों की रिहाई संबंधी पत्र भेजा था। कहा कि अभी भी कुछ मछुआरे पाकिस्तान जेल में हैं।
जसईपुर के मछुआरों को पाकिस्तानी सेना द्वारा गिरफ्तार किए जाने पर सपा के राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने 16 नवंबर 2017 को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र भेजकर पाक जेल में बंद 21 मछुआरों की सूची और उनके परिवार की हालत का हवाला देकर रिहाई का अनुरोध किया था।
साथ ही यह मुद्दा राज्यसभा में बजट भाषण के दौरान लोक महत्व के मामले के रूप में उठाया था। इस पर तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने विशंभर प्रसाद निषाद को भेजे दो पृष्ठों के विस्तृत पत्र में बताया था कि वर्ष 2014 से अब तक (मार्च 2018) 1584 मछुआरों को छुड़ाया जा चुका है। सरकार भारतीय मछुआरों की जल्द रिहाई और भारत वापसी को अत्यंत महत्व देती है।
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