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निजी पेट्रोल पंपों में आपूर्ति घटी, शाम को नहीं मिलता तेल

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Supply decreased in private petrol pumps, oil is not available in the evening - फोटो : BANDA
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बांदा। रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच जिले में पेट्रोल-डीजल का संकट शुरू हो गया है। निजी कंपनियों के पेट्रोल पंपों में 60 फीसदी तक तेल की आपूर्ति घट गई है। वहीं, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपी) के पेट्रोल पंपों पर भी सप्लाई कम होने लगी है। डिमांड के मुताबिक 10 से 15 फीसदी आपूर्ति भी कम हो गई है। शाम होते ही पंपों पर सन्नाटा होने लगता है। पेट्रोल डालने कोई कर्मचारी ही नहीं आता।
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध से कच्चे तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसका असर कंपनियों पर पड़ रहा है। सरकार के दबाव में ये कंपनियां तेल के दाम बढ़ा नहीं पा रही हैं। इस वजह से डीजल की बिक्री में करीब 18 और पेट्रोल में लगभग 15 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। पंप संचालकों का कहना है कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो जनपद में सरकारी कंपनियों के पेट्रोल पंप भी ड्राई हो सकते हैं।
एचपी के ज्यादातर पंप अब दो नोजल से पेट्रोल व डीजल देने के बजाय केवल एक नोजल से काम कर रहे हैं। हालांकि अन्य पेट्रोल पंपों पर अभी तेल की कमी नहीं होने की बात कही जा रही है। इन पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि अभी उनके यहां तेल की कोई दिक्कत नहीं है।
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निजी पेट्रोल पंपों पर अधिक दामों में बिकता तेल
सरकारी व निजी कंपनियों के जनपद में 63 पेट्रोल पंप हैं। निजी कंपनियों के पेट्रोल पंप सरकारी एजेंसियों की ओर से संचालित पेट्रोल पंपों के मुकाबले पांच रुपये पेट्रोल और तीन रुपये डीजल महंगा बेच रहे हैं। शहर में चिल्ला रोड, नरैनी रोड, अतर्रा रोड, खुरहंड में (नायरा) कंपनी के पेट्रोल पंप हैं।
जून से पेट्रोल पंपों की हालत खराब
कालू कुआं स्थित पेट्रोल पंप के मैनेजर रवि कुमार सिंह का कहना है कि निजी पेट्रोल पंप बंदी के कगार पर हैं। इन पेट्रोल पंपों में कभी पेट्रोल खत्म हो जाता है तो कभी डीजल। यह स्थिति मई से बनी हुई है।
मंडल में निजी कंपनियों के पेट्रोल पंप
बांदा, चित्रकूट में कर्वी, महोबा में शहर और कबरई, हमीरपुर में मौदहा।
कंपनी कमियां बता कर रहीं हीलाहवाली
बांदा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह का कहना है कि कई एचपी पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि कंपनी प्रीमियम तेल खरीदने पर जोर दे रहीं हैं। इसके अलावा रोजाना ईंधन लाने वाले टैंकरों में कुछ न कुछ कमियां निकाल कर सप्लाई देने में हीलाहवाली कर रहीं हैं। इससे आपूर्ति आने में देेरी हो रही है। वहीं, कई निजी पेट्रोल पंपों पर तेल की कमी है।
सुखेंद्र प्रताप सिंह, इंजीनियरिंग के छात्र
सुखेंद्र का कहना कि वह कालू कुआं स्थित पेट्रोल पंप पर करीब 11.50 बजे बाइक में तेल डलवाने गया, मगर करीब 15 मिनट तक खड़ा रहा, लेकिन कोई कर्मचारी तेल डालने के लिए नहीं आया।
अमन पटेल, सिविल इंजीनियर
अमन पटेल का कहना है कि वह दो दिन पहले शाम करीब सात बजे डिग्गी चौराहे पर स्थित पेट्रोल पंप पर बाइक में तेल डलवाने गया था, दस मिनट तक कोई कर्मचारी पेट्रोल डालने नहीं आया।
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