बांदा। जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में कई स्कूल-कालेजों के छात्र-छात्राओं ने अपनी शैक्षिक मेधा का जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शित किए गए कई मॉडल एक से बढ़कर एक रहे। निर्णायक मंडल ने सीनियर और जूनियर वर्ग के प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कारों के लिए चयनित किया।
डीएवी इंटर कालेज परिसर में शनिवार को जनपद स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी वर्ष 2020-21 का आयोजन हुआ। जनपद भर से आए कई स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने स्टॉलों में अपने कई मॉडल का प्रदर्शन किया। अवलोकन करने वालों को उनके इस्तेमाल और फायदे समझाए। डीएम आनंद कुमार सिंह ने फीता काटकर प्रदर्शनी के उद्घाटन की रस्म अदा की।
डीएम ने सभी स्टालों का अवलोकन किया। बच्चों से मॉडलों के बारे में सवाल-जवाब किए। कई माडल को सराहा और उन्हें शाबासी दी। जूनियर वर्ग (कक्षा-9 व 10) में 44 और सीनियर वर्ग (कक्षा-11 व 12) के छात्र-छात्राओं ने 13 माडल प्रदर्शित किए।
यह सभी जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण, जैव विविधता, मानव कल्याण में जीवन विज्ञान और कोविड-19 से बचाव के लिए आटोमेटिक सैनिटाइजर मशीन आदि के मॉडल थे। डीएम के साथ सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा और डीआईओएस विनोद कुमार सिंह व मेजबान डीएवी के प्रधानाचार्य डा. आनंद कुमार गुप्ता भी थे।
वरिष्ठ महिला चिकित्सक और चिराग फाउंडेशन की डा. शबाना रफीक ने भी मॉडल का अवलोकन किया और सराहा। आदर्श बजरंग इंटर कालेज प्रधानाचार्य और माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री मेजर मिथलेश कुमार पांडेय, जीजीआईसी प्रधानाचार्य बीना गुप्ता, पूर्व प्रधानाचार्य बाबूलाल गुप्ता आदि मौजूद थे।
विजेता विद्यालय/छात्र-छात्राएं
सीनियर वर्ग : प्रथम स्थान : डीएवी इंटर कालेज, बांदा। छात्र-प्रखर श्रीवास्तव व मयंक प्रजापति।
द्वितीय स्थान : जीआईसी बांदा। छात्र आशीष कुमार व अनुज।
तृतीय स्थान : सरस्वती इंटर कालेज, अतर्रा। छात्रा- कुमारी आरती व दीक्षा सोनी।
जूनियर वर्ग : प्रथम स्थान : परमहंस रणछोड़दास इंटर कालेज, खप्टिहा कलां। छात्र-अनुरुद्ध प्रताप सिंह व सर्वेश कुमार गुप्ता।
द्वितीय स्थान : डीएवी इंटर कालेज, बांदा। छात्र-अभिषेक जड़िया और सुभाष यादव।
तृतीय स्थान : आर्य कन्या इंटर कालेज, बांदा। छात्रा-शिवांशी गुप्ता व अर्पिता त्रिपाठी।
बच्चों में वैज्ञानिक सोच बनाएं शिक्षक
डीएम आनंद कुमार सिंह ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी दें, ताकि वह अपनी सोच को ज्यादा से ज्यादा वैज्ञानिक सोच बनाएं। उनका दृष्टिकोण वैज्ञानिक होना चाहिए।
विज्ञान प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य भी यही है। कहा कि प्रतिभागी बच्चों द्वारा पर्यावरण में ली गई रुचि से यह जाहिर है कि मौजूदा पीढ़ी पर्यावरण के प्रति कितनी चिंतित हैं।