वृक्ष में क्यू आर कोड लगाते छात्र-छात्राएं व शिक्षक।
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नरैनी। हरे पेड़ न सही, सूखी घास ही रहने दो, जमीं के जिस्म में, कुछ लिबास तो रहने दो के नारे के साथ छात्रों ने वृक्षों का क्यू आर कोड स्थापित किया। इन्हीं कोड के माध्यम से छात्रों उनके बॉटेनिकल नाम, औषधीय प्रयोग व उपयोग की अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।
कस्बे के राजकुमार इंटर कॉलेज में गुरुवार को इको क्लब मिशन लाइफ कार्यक्रम के अंतर्गत वृक्षों का क्यू आर कोड छात्रों द्वारा जनरेट किया गया। इस दौरान छात्रों को प्रकृति से जुड़ने, उसे संरक्षित करने, ऊर्जा को बचाने, अपशिष्ट कम करने, स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की जानकारी देते हुए जागरूक किया गया।
प्रधानाचार्य राकेश पटेल ने कहा कि वर्तमान में जल, जंगल और जमीन का दोहन चरम पर है। इससे प्रकृति भी कराह रही है। यदि हम अभी भी न संभले, तो आने वाली पीढि़यां कभी माफ नहीं करेंगी। बढ़ता हुआ तापमान, सिकुड़ते ग्लेशियर, फटते हुए बादल, सूखा, बाढ़ की घटनाएं मानवता को जगाने के लिए इशारे कर रही हैं। इसलिए सभी को प्रकृति के संरक्षण के लिए कार्य करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान इको क्लब प्रभारी प्रदीप पटेल, शिवकरण कुशवाहा के नेतृत्व में छात्रा कंचन, प्रीती, अनीता, रोहिणी, वंदना, नाजमीन, अमन, शिवम सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।