बांदा। प्रदेश की ग्रामीण और गरीब परिवारों के गरीब मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग की मुफ्त सुविधा योगी सरकार मुहैया कराएगी। छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ाने के लिए तीन चयनित संस्थाएं स्मार्ट क्लास चलाएंगी। यह कार्य मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत होगा। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में यह योजना मंडलायुक्त की अध्यक्षता में संचालित की जाएगी। 15 या 16 फरवरी को मुख्यमंत्री इसकी शुरुआत करेंगे।
यह जानकारी प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (सूचना) नवनीत सहगल ने रविवार की शाम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दी। चित्रकूटधाम मंडल के उप निदेशक (सूचना) भूपेंद्र सिंह यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के हवाले से बताया कि संसाधनों की कमी से ग्रामीण और निर्धन परिवारों के मेधावी योग्य और लगनशील होने के बाद भी प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्ता परख तैयारी नहीं कर पाते। उन्हें प्रतियोगी परीक्षाएं जैसे सिविल सेवा परीक्षा, पीसीएस, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस आदि में उचित मौका नहीं मिल पाता। उप निदेशक ने बताया कि अपर मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का काम मंडलायुक्त की अध्यक्षता में ही होगा। इसमें प्रत्येक मंडल स्तर पर तीन संस्थाओं का चयन किया जाएगा और स्मार्ट क्लास चलाई जाएंगी।
15 या 16 फरवरी को मुख्यमंत्री इस योजना की शुरुआत करेंगे। अपर मुख्य सचिव ने संस्थाओं के चयन का भी प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों को निर्देश दिया है। यह भी कहा कि मंडल स्तर पर अभ्युदय सेल का गठन किया जाए। इसमें ऐसे अधिकारी को नोडल बनाएं जो इसमें व्यक्तिगत रुचि लें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव (समाज कल्याण) बीएल मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना संचालन के लिए उनका विभाग संसाधन उपलब्ध कराएगा। इसमें किसी तरह की कमी नहीं रहने दी जाएगी। लखनऊ मंडलायुक्त ने योजना के बारे में बताया कि राज्य स्तर पर ई-लर्निंग प्लेटफार्म स्थापित होगा। महानिरीक्षक लक्ष्मी सिंह ने कहा कि इस योजना में समर्पित भाव से काम करने वाले अधिकारी को विशेष प्रविष्टि प्रदान करेगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपर आयुक्त चंद्रशेखर और उप निदेशक (समाज कल्याण) भी उपस्थित रहे।
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मंडल में तिल, ताजी सब्जियां क्लस्टर के लिए चिह्नित
बांदा। मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सब्जियों के क्लस्टर निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाए। संबंधित विभाग निर्यात योग्य कृषि उत्पादों का उत्पादन बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करें। मंडल के चारों जिलों में तिल और ताजी सब्जियों के क्लस्टर के लिए चयनित किया गया है। आयुक्त ने यह निर्देश मंडल स्तरीय कृषि निर्यात निगरानी समिति की बैठक में दिए। कहा कि कृषक उत्पादक संगठनों को कृषि जींस के क्लस्टर बनाकर प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित कराई जाएं, ताकि कृषि के निर्यात को बढ़ावा मिले। संयुक्त कृषि निदेशक उमेशचंद्र कटियार ने बताया कि मंडल के चारों जिलों बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा में जिला स्तरीय क्लस्टर सुविधा इकाई का गठन किया जा चुका है। बांदा में तिल और हमीरपुर व महोबा में तिल व ताजी सब्जियां क्लस्टर के लिए चयनित किए गए हैं। बैठक में उप निदेशक (उद्यान) व मत्स्य सहित वैज्ञानिक डा. अभिषेक कुमार, ज्येष्ठ विपणन निरीक्षक अरविंद कुमार आदि मौजूद थे। (ब्यूरो)