बांदा। किसान संगठनों ने जिलाधिकारी की मांग को लेकर किसान दिवस का बहिष्कार किया। विकास भवन में नारेबाजी की। आरोप लगाया कि किसान दिवस में सक्षम अधिकारी के नहीं होने से समस्याओं का निस्तारण नहीं हो रहा है।
किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रतिमाह तहसील दिवस का आयोजन किया जाता है, लेकिन किसानों का आरोप है कि किसान दिवस में जिम्मेदार अधिकारियों के मौजूद न होने से समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पाता है। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसाने ने बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस का बहिष्कार कर नारेबाजी की।
किसानों ने मांग थी कि किसान दिवस में जिलाधिकारी नगेंद्र प्रताप उपस्थित हो। मंडल अध्यक्ष बलराम त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष महेंद्र त्रिपाठी, जग प्रसाद, हरीओम, तुलसा सेन, रचना, सरोज, सीता मिश्रा, रोहित द्विवेदी, धीरज शर्मा आदि मौजूद रहे। उधर, उप कृषि निदेशक विजय कुमार का कहना है कि तहसील दिवस में कृषि, बिजली, सिंचाई, खाद सहित एक दर्जन विभागों के अधिकारी बैठे हुए है। लेकिन डीएम के आने की जिद में अड़े है। समझाने का काफी प्रयास किया गया।