बांदा। बुंदेलखंड में पिछले एक दशक के दौरान पौधरोपण पर खर्च हुए लगभग 300 करोड़ रुपये में घोटाले का आरोप लगाकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की गई रिट याचिका में वन विभाग ने अपना जवाबी काउंटर सोमवार को दाखिल कर दिया। यह चार सौ पेज का है। पिछले माह जनवरी में हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और वन विभाग से ब्योरा तलब किया था।
आरटीआई एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता आशीष सागर दीक्षित ने अधिवक्ता धर्मपाल सिंह, सत्यव्रत त्रिपाठी और सिद्धार्थ निरंजन के माध्यम से हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की थी। इसमें प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव सहित पर्यावरण और वन विभागाध्यक्ष (लखनऊ) तथा झांसी, बांदा, चित्रकूट और महोबा के डीएफओ व वन संरक्षक को भी पार्टी बनाया गया है। कहा कि वर्ष 2011-12 में सीएजी की आडिट रिपोर्ट में बुंदेलखंड में कराए गए विशेष पौधरोपण अभियान में करीब चालीस करोड़ रुपये की गड़बड़ी उजागर हुई थी।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमसेरी ने 13 जनवरी को अपने आदेश में कहा था कि प्रदेश सरकार सहित याचिका के सभी प्रतिपक्षी अपना जवाब दाखिल करें। सोमवार को वन विभाग ने हाईकोर्ट में 400 पेज का काउंटर जवाब दाखिल किया है। अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते इस पर सुनवाई फिलहाल नहीं हो सकी है। अलबत्ता अगली सुनवाई तक रिट दायर करने वाले वादी को प्रत्युत्तर (रिमाइंडर) जवाब देना है। उधर, रिट दायरकर्ता आशीष का कहना है कि हाईकोर्ट से अनुरोध किया जाएगा कि इस घोटाले की जांच स्वतंत्र एजेंसी या सीबीआई से कराई जाए।