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हर्जाना संग 1301 केस में समझौता

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police,FIR,judge,ACJM court,advocate - फोटो : BANDA
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बांदा। जिला जजी और तहसील मुख्यालयों में रविवार को आयोजित लोक अदालत में 1301 मुकदमों का सुलह-समझौते से निस्तारण कर दिया गया। 18 लाख 10 हजार 761 रुपये जुर्माना और 55 लाख 60 हजार रुपये मोटर दुर्घटना क्लेम के तय किए गए।
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अध्यक्षता कर रहे जिला जज गजेंद्र कुमार ने आठ केस सुलह-समझौते से निस्तारित किए। इनमें दो आपराधिक केसों में 2500 रुपये जुर्माना किया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने 15 के निपटाकर 55 लाख 60 हजार रुपये बीमा कंपनियों से पीड़ित पक्षों को दिलवाए। प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) नीरज कुमार ने 16 मुकदमों का निस्तारण किया। जिन दंपतियों के बीच सुलह कराई गई उन्हें जिला जज गजेंद्र कुमार और लोक अदालत नोडल अधिकारी श्रीकृष्ण यादव तथा प्राधिकरण सचिव भारतेंदु प्रकाश गुप्त ने आशीर्वाद देकर विदा किया। एडीजे रामकरन द्वितीय ने 8, एडीजे मोहम्मद रिजवान ने 2, एडीजे (डकैती) हरेंद्र प्रसाद ने 2, एडीजे पवन कुमार शर्मा ने 44, एडीजे त्वरित न्यायाधीश ऋषि कुमार ने 2 केस निस्तारित किए। सीजेएम संजय कुमार ने 24 मुकदमे निपटाकर 8880 रुपये जुर्माना किया।
सिविल जज भारतेंदु प्रकाश गुप्त ने नौ केस निपटाकर 400 रुपये जुर्माना और 10 लाख 38 हजार 49 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किए। प्रथम एसीजेएम नदीम अनवर ने 8 मुकदमों का निपटारा करके 50 लाख 60 हजार रुपये जुर्माना किया। एसीजेएम (रेलवे) प्रेम बहादुर सिंह ने 7 केस निपटाकर 54 हजार 800 रुपये जुर्माना किया। सिविल जज जूनियर डिवीजन अनुजा सिंह ने चार केस निस्तारित किए। सिविल जज (बबेरू) महेंद्र कुमार पांडेय ने 27 वाद निपटाकर 3650 रुपये, सिविल जज (अतर्रा) सर्वेश सिंह यादव ने 3 मुकदमे निपटाकर 20 रुपये जुर्माना किया। अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) सौम्या मिश्रा ने 3 मुकदमों में एक का निपटारा किया। अपर सिविल जज सुश्री कंचन तिवारी ने चार केस निस्तारित किए।
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इंसेट---
बैंकों ने वसूला 28.18 लाख बकाया
लोक अदालत में बैंकों ने भी अपना बकाया जमा कराया। कई बैंकों ने अपने स्टॉल लगाए थे। कुल 49 वाद सुलह-समझौते से निपटाए गए। इसमें पक्षकारों से बैंकों ने 28 लाख 18 हजार रुपये वसूल किए। उधर, राजस्व विभाग के न्यायालयों ने 986 मुकदमे निपटाए। सबसे ज्यादा 206 केस पैलानी तहसीलदार ने निस्तारित किए।
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