वन विभाग द्वारा बांटे गए गौरैया बाक्स लिए बच्चे
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बांदा। विश्व गौरैया दिवस पर रविवार को वन विभाग ने विलुप्त हो रही गौरैया के संरक्षण के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय के बच्चों को शपथ दिलाई और उन्हें लकड़ी के बने गौरैया के घर (स्पेरो हाउस) बांटे। इसी विषय पर चित्रकला और स्लोगन प्रतियोगिता हुई। कुछ अन्य संगठनों ने भी यह दिवस मनाया।
चित्रकूटधाम मंडल वन संरक्षक केएल मीना ने स्कूल के बच्चों को गौरैया का महत्व बताते हुए बाक्स बांटे। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय संतुलन के लिए गौरैया को बचाना जरूरी है। विद्यालय प्राचार्य एके उपाध्याय ने कहा कि गौरैया घर और आंगन का पक्षी है। इसे संरक्षण मिलना जरूरी है। प्रभागीय वनाधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता ने कहा कि वन विभाग के पास पर्याप्त संख्या में गौरैया बाक्स उपलब्ध हैं।
उन्होंने हर नागरिक से अपने घरों में इस बाक्स को लगाकर गौरैया को संरक्षित करने को कहा। रेंज अधिकारी जेके जायसवाल, वन दरोगा प्रमोद चौहान आदि उपस्थित रहे। उप निदेशक (अर्थ एवं संख्या) एसएन त्रिपाठी ने कहा कि गौरैया को दाना, पानी के साथ उनके घर बचाना सभी का नैतिक दायित्व है। बच्चों को शपथ भी दिलाई गई। डीएफओ ने बताया कि 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस मनाया जाएगा। जवाहर नवोदय विद्यालय में शाम 4 बजे मंडलायुक्त और डीआईजी कार्यक्रम मेें शरीक होंगे।
उधर, जिला विज्ञान क्लब ने कमासिन क्षेत्र के बेर्रावं गांव मेें गौरैया दिवस मनाया। प्रधान सुरेंद्र कुमार और क्लब समन्वयक शनि कुमार आदि ग्रामीण और क्लब सदस्य उपस्थित रहे। उधर, अल्फिजा महिला सेवा संस्थान ने भी गौरैया दिवस मनाया। संचालिका रूबी जैनब ने घरों में गौरैया को दाना-पानी और घोसले के लिए स्थान देने को प्रेरित किया। साथ ही शपथ दिलाई। नफीसा खातून, नाजमीन, शबनम अंसारी, फिरदौस, मुस्कान, फिजा, फरहा, अयान, अल्ताफ आदि शामिल रहे।