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सपा-कांग्रेस को रास नहीं आया बजट

Mon, 29 Feb 2016 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा।
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मोदी सरकार का दूसरे आम बजट को विपक्षी दलों ने खारिज कर दिया है। सपा ने इसे झूठ का पुलिंदा और कांग्रेस ने किसान और खासकर बुंदेलखंड के लोगों को छलने वाला बजट बताया है। कहा कि धनपतियों पर रहम और गरीबों पर सितम किया गया है। दो दिन पूर्व ही यूपी आए प्रधानमंत्री द्वारा किसानों की हमदर्दी का ढिंढोरा पीटने की पोल भी खुल गई है। बसपा ने भी बजट की आलोचना की है। उधर, भाजपा ने इसे निम्न और मध्यम वर्ग के कल्याण वाला बजट बताया है।
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सपा के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने कहा कि बजट देखकर कोई हैरत नहीं हुई। भाजपा और उसकी नीतियां शुरू से ही किसान विरोधी रही है। उन्होंने कहा कि सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में बुंदेलखंड के गंभीर हालात की ओर कई बार सरकार का ध्यान दिलाया।

विशेष बजट का अनुरोध किया लेकिन केंद्र सरकार ने कुछ नहीं किया। श्री निषाद ने कहा कि यह बजट नहीं, झूठ का पुलिंदा है। एक ओर प्रधानमंत्री किसानों की आमदनी दोगुना करने का ढिंढोरा पीट रहे हैं और दूसरी तरफ बजट में किसानों की खुली उपेक्षा कर रहे हैं। सपा पूर्व जिलाध्यक्ष सैय्यद इमरान अली राजू ने कहा कि बजट से बुंदेलखंड के लोगों को भारी निराशा हुई है। लोकसभा चुनाव में भाजपा को वोट देने वाले बुंदेलखंडी पछता रहे हैं।
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कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार के आम बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार शुक्ल ने कहा कि किसान रैलियां आयोजित कर उनकी हमदर्दी के भाषण देने वाले मोदी की सरकार ने बुंदेलखंड की खुली उपेक्षा की है। कांग्र्रेस सरकार ने यहां के लिए विशेष पैकेज दिया था। कर्ज माफ किए थे लेकिन इस सरकार ने सिर्फ पूंजीपतियों को खुश करने की कोशिश की है। मध्यम और निम्न वर्ग को भी निराशा हाथ लगी है।

बसपा जिलाध्यक्ष प्रदीप वर्मा ने भी बजट को किसान, मजदूर और गरीब विरोधी कहा है। उधर, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष बाल मुकुंद शुक्ल ने कहा कि आम बजट बहुत ही संतुलित और निम्न व मध्यम वर्ग के लोगों के लिए लाभकारी है। पिछली सरकार खजाना खाली करके गई थी। इसके बावजूद भाजपा सरकार ने देश की आर्थिक स्थिति सुधारी है। विपक्षी दल खिसियाहट में बजट का विरोध कर रहे हैं।
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