भक्ति वेदांता गुरुकुल एंड इंटरनेशनल स्कूल, वृंदावन में अब बुंदेलखंड के गरीब बच्चों को पढ़ने का मौका मिलेगा। बशर्ते वह पढ़ने में होशियार हों। उनका खर्च संपन्न लोग उठाएंगे। उन्हें प्रेरणा आईपीएस अधिकारी और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में महानिरीक्षक पद पर तैनात राजाबाबू सिंह देंगे।
यह स्कूल स्कान (इंटरनेशनल सोसायटी फार कृष्णा कांसनेस) द्वारा संचालित है। भारत में इसकी रैंकिंग 13वीं है। देश के संपन्न घरानों के बच्चे यहां शिक्षा हासिल करते हैं लेकिन अब पिछड़े और गरीब कहे जाने वाले बुंदेलखंड के बच्चों का भी इस स्कूल में पढ़ाई का सपना पूरा होगा।
बशर्ते वह गरीब और मेधावी हों। आईपीएस अधिकारी राजाबाबू सिंह ने बताया कि हर वर्ष बुंदेलखंड के 11 बच्चों का चयन कर उन्हें इस स्कूल में दाखिला दिलाया जाएगा। इनका खर्च संपन्न लोग उठाएंगे। बच्चों के लिए 11 सदस्यीय समिति गठित होगी। यह काम इसी वर्ष जुलाई में शुरू होगा।
स्कूल के जनसंपर्क आधिकारी (प्रशासन) साक्षी पुरुषदास ने बताया कि यह देश का पहला स्कूल है जहां दिल्ली, खड़गपुर और कानपुर की आईआईटी से निकले शिक्षक पढ़ा रहे हैं। इसके संस्थापक आचार्य भक्ति वेदांत स्वामी हैं। मौजूदा में देश-विदेश के 350 बच्चे शिक्षारत हैं। स्कूल की शिक्षा को आईसीएसई बोर्ड की मान्यता है। कक्षा 2 से 12वीं तक पढ़ाई होती है। 40 बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है।