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सपा करेगी सीएम का ‘स्वागत’, बसपा करेगी ‘दुरुस्त’

Mon, 19 Dec 2016 12:58 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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एक समारोह में मंचासीन सीएम अखिलेश यादव। - फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
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बुंदेलखंड से दो मुख्यमंत्री चुनाव लड़े। दोनों कांग्रेस के थे। एक हार तो दूसरे जीते। अब एक बार फिर मौजूदा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बुंदेलखंड से चुनाव लड़ने की चर्चाओं को लेकर राजनीतिक गलियारों में गहमागहमी है। सपा विधायक जहां एक स्वर से मुख्यमंत्री के लिए सीट छोड़ कर ‘स्वागतम्’ बोल रहे हैं वहीं सपा के बराबरी की संख्या वाले विधायकों वाली बसपा का कहना है कि मुख्यमंत्री लड़कर देखें उन्हें ‘दुरुस्त’ करके भेजेंगे। उधर, कांग्रेस विधायकों का झुकाव भी मुख्यमंत्री की तरफ है।
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बुंदेलखंड में कुल 19 विधायक हैं। इनमें सपा और बसपा के 7-7, कांग्रेस के 4 और भाजपा का एक विधायक है। तीन दिन पूर्व हमीरपुर के कुछेछा गांव आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से सपा विधायकों और प्रमुख नेताओं ने लिखित रूप से अनुरोध किया था कि मुख्यमंत्री बुंदेलखंड से विधान सभा का चुनाव लड़ें। अगले ही दिन लखनऊ में मुख्यमंत्री ने खुद भी इसकी चर्चा की। इसी के बाद यह चर्चा गर्मा उठी है। बुंदेलखंड में सपा के सभी विधायक एक स्वर से मुख्यमंत्री को बुंदेलखंड और खासकर चित्रकूटधाम मंडल से किसी सीट से चुनाव लड़ने का आफर दे रहे हैं।

कामतानाथ की नगरी से सीएम लड़ें चुनाव-चित्रकूट जनपद में कर्वी विधान सभा क्षेत्र से सपा विधायक वीर सिंह का कहना है कि कुछेछा में ही मुख्यमंत्री को बुंदेलखंड से चुनाव लड़ने का लिखित अनुरोध पत्र दिया गया था। उन्होंने कहा कि श्रीराम की तपोस्थली में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने करीब 300 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए हैं। कामतानाथ की नगरी से सीएम चुनाव लड़ें तो वह यह सीट उनके लिए बखुशी छोड़ देंगे। साथ ही तन, मन, धन से प्रचार करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा इस क्षेत्र के लिए किए गए विकास कार्यों के एहसान का बदला शानदार मतों से जिताकर दिया जाएगा।
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सीएम लड़ें तो सभी 19 सीट जीतेंगे-महोबा जनपद की चरखारी सीट से सपा विधायक उर्मिला राजपूत भी मुख्यमंत्री के लिए अपनी सीट छोड़ने के सहर्ष तैयार हैं। वह बोलीं- मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनकी ऐतिहासिक सीट चरखारी से चुनाव लड़ें। उनके लिए वह यह सीट छोड़ने को तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के यहां से चुनाव लड़ने पर बुंदेलखंड की सभी 19 सीटों पर सपा की जीत होगी। साथ ही उनके यहां से चुने जाने पर बुंदेलखंड का विकास होगा।

लड़ें चुनाव, हम ‘दुरुस्त’ करके भेजेंगे-बुंदेलखंड में बसपा को जिताने के लिए लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें और भ्रमण करने में जुटे बसपा के कोआर्डिनेटर और विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष गयाचरन दिनकर ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बुंदेलखंड से चुनाव लड़ने की खबर पर बेबाक शब्दों में कहा कि- हम तो चाहते हैं वह यहां से चुनाव लड़ें। हम उन्हें ‘दुरुस्त’ करके भेजेंगे।

सीएम से मिलकर विवेक देंगे आफर-बांदा सदर सीट से कांग्रेस विधायक विवेक सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री अगर बुंदेलखंड से चुनाव लड़ते हैं तो यह बड़ी बात होगी। उनके लिए वह खुद अपनी बांदा सीट छोड़ने को तैयार हैं। क्योंकि इससे विकास होगा और विकास के लिए वह अपनी सीट की कुर्बानी देने को तैयार हैं। विधायक ने कहा कि वह लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें यह अनुरोध लिखित तौर पर भी देंगे।

अन्ना से निजात दिलाएं, सीएम को देंगे समर्थन-तिंदवारी क्षेत्र से कांग्रेस विधायक दलजीत सिंह भी मुख्यमंत्री के बुंदेलखंड से चुनाव लड़ने की खबर को ‘अच्छी बात’ मानते हैं। उन्होंने कहा कि सीएम को इस पिछड़े क्षेत्र से चुनाव लड़ना भी चाहिए। विधायक ने कहा कि बुंदेलखंड में इस समय आत्महत्या और कर्ज से भी ज्यादा गंभीर संकट अन्ना पशुओं का है। अभी चुनाव को समय है और आचार संहिता भी नहीं लगी है। मुख्यमंत्री बुंदेलखंड में अन्ना पशुओं से निजात दिला दें और गोशालाएं बनाकर अन्ना पशुओं को उसमें रखने की ठोस और स्थाई व्यवस्था करा दें तथा बुंदेलखंड के किसानों का कर्ज माफ कर दें तो वह मुख्यमंत्री के लिए न सिर्फ अपनी सीट छोड़ देंगे बल्कि समर्थकों के साथ उनका समर्थन भी करेंगे।

पहले भी हार चुके हैं बुंदेलखंड से सीएम-हमीरपुर की राठ सीट से कांग्रेस विधायक गयादीन अनुरागी का कहना है कि बुंदेलखंड में किसी मुख्यमंत्री द्वारा चुनाव लड़ना कोई नई बात नहीं है। पूर्व में दो मुख्यमंत्री यहां चुनाव लड़ चुके हैं। 1967 के आसपास मौदहा सीट से चंद्रभान गुप्ता चुनाव लड़े थे और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी रानी राजेंद्र कुमारी ने उन्हें पराजित किया था। इसके अलावा 1980 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने तिंदवारी सीट से चुनाव लड़ा था। कांग्रेस विधायक शिव प्रताप सिंह ने उनके लिए इस्तीफा देकर सीट छोड़ी थी। वीपी सिंह यहां से जीतकर गए थे। श्री अनुरागी ने कहा कि अन्ना पशु, बिजली, अवैध खनन से टूटी सड़कें, किसानों का कर्ज इत्यादि यहां की बड़ी समस्याएं हैं। मुख्यमंत्री इन समस्याओं से निजात दिलाएं। तभी चुनाव लड़ना बेहतर होगा

कांग्रेस नेता ने किया कटाक्ष
बांदा। जिला कांग्रेस विचार विभाग चेयरमैन पुष्पेंद्र श्रीवास्तव ने बबेरू विधायक द्वारा सीएम के लिए सीट छोड़ने के आफर पर कहा कि बबेरू क्षेत्र आज भी बेहद पिछड़ा है। बिजली की हालत यह है कि मोबाइल फोन चार्ज करने को भी मयस्सर नहीं होती। कमासिन मार्ग की बिगड़ी हालत है। 10 वर्ष से सपा विधायक इसे दुरुस्त नहीं करा पाए। बबेरू की जनता तो चाहती है कि सीएम चुनाव लड़ें तो यहां की हालत देख लें।
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