आदर्श बजरंग इंटर कालेज में पुस्तक विक्रेता द्वारा लगाई गई दुकान/स्टॉल।
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बांदा। पुस्तक विक्रेताओं और स्कूल संचालकों के बीच कमीशनबाजी के आरोपों के बीच अब जिला विद्यालय निरीक्षक ने शहर के कुछ चुनिंदा/गिनेचुने पुस्तक विक्रेताओं के लिए स्कूल-कालेजों में ही स्टॉल लगाकर कापी-किताबें बेचने की व्यवस्था लागू की है। मंगलवार से यह शुरू हो गई। चार विक्रेताओं ने स्टॉल लगाए।
स्कूलों में बाजार का अगला चरण 14 जुलाई को होगा। नर्सरी से लेकर इंटर कालेजों और महाविद्यालयों पर पुस्तक विक्रेताओं से सांठगांठ और कमीशनखोरी के आरोप और शिकायतें आम हैं। कुछ पुस्तक विक्रेताओं द्वारा 30 फीसदी तक कमीशन स्कूल संचालकों को दिए जाने के आरोप हैं। कई स्कूल पूरा कोर्स किसी खास बुक स्टॉल से ही खरीदने के लिए विद्यार्थियों और अभिभावकों पर जोर देते हैं। उधर, अब जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद सिंह ने सोमवार को मंडल मुख्यालय के चार पुस्तक विक्रेताओं को छात्रों की सहजता और सुगमता का हवाला देकर उन्हें चार कालेजों में स्टॉल लगाकर कापी-किताब बेचने के निर्देश दिए हैं। आदर्श बजरंग इंटर कालेज, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज, डीएवी इंटर कालेज और जीजीआईसी प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर पुस्तक विक्रेता का नाम बताते हुए 7 व 14 जुलाई को उनके विद्यालयों में स्टॉल लगाने के निर्देश दिए हैं।
डीआईओएस ने कहा है कि प्रधानाचार्य छात्र-छात्राओं में इसका अधिक से अधिक प्रचार करें। छात्रों द्वारा पुस्तकें खरीदे जाने की जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों को दी है। कहा है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश और एनसीईआरटी की पुस्तकें विद्यालय के मुख्य द्वार स्टॉल लगाकर बेची जाएंगी। डीआईओएस का यह भी कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण दुकानें बंद होने से छात्र-छात्राएं परेशान हैं। इसलिए स्कूलों में बुक स्टॉल लगाने के निर्देश दिए गए हैं।