बांदा। बारिश के मौसम में जिले में त्वचा रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 25 से 30 मरीज त्वचा संबंधी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें एक्जिमा, फंगल इंफेक्शन, खुजली, दाद और एलर्जी के मरीज अधिक हैं। चिकित्सकों का कहना है कि लगातार नमी, पसीना, गीले कपड़े पहनना और साफ-सफाई में लापरवाही इसके प्रमुख कारण हैं।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सुधीर गुप्ता के अनुसार बरसात के दौरान वातावरण में नमी बढ़ने से त्वचा पर फंगस तेजी से पनपता है। खेतों में काम करने वाले किसान, लंबे समय तक गीले जूते या कपड़े पहनने वाले लोग और बच्चों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। कई मरीज शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर मेडिकल स्टोर से बिना सलाह दवा ले लेते हैं, जिससे संक्रमण बढ़ जाता है।
चिकित्सकों का कहना है कि एक्जिमा के मरीजों में इस मौसम में खुजली, लाल चकत्ते और त्वचा में जलन की शिकायत बढ़ जाती है। मधुमेह के मरीजों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
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डॉक्टर की एडवाइजरी
त्वचा को हमेशा साफ और सूखा रखें।
भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनें।
तौलिया, कपड़े और साबुन किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें।
अधिक पसीना आने पर शरीर को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं।
खुजली या दाद होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड युक्त क्रीम या दवा का प्रयोग न करें।
संक्रमण बढ़ने, पस बनने या तेज खुजली होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।