बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के 60 फीसदी किसानों ने सरकारी खरीद केंद्रों से मुंह मोड़ते हुए अपना गेहूं आढ़तियों या अन्य को बेचा। सरकारी खरीद केंद्र के आंकड़े यही बता रहे कि मंडल के 1,16,417 किसानों में से महज 47,371 किसानों ने केंद्रों में अपना गेहूं बेचा है। खरीद केंद्रों में छाया, पानी, तत्काल खरीद और 72 घंटे के अंदर भुगतान जैसी लुभावनी घोषणाएं किसानों को आकर्षित नहीं कर सकीं।
रबी वर्ष 2021-22 में चित्रकूटधाम मंडल में पहली अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू की गई। यह 22 जून तक चली। कुल 200 खरीद केंद्र संचालित किए गए। मंडल में 191905.139 मीट्रिक टन गेहूं की लक्ष्य विहीन खरीद की गई। 47,371 किसान लाभान्वित हुए। रबी वर्ष में गेहूं उत्पादन का लक्ष्य 1309664 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया था। हालांकि, कृषि विभाग अब तक उत्पादन का आंकड़ा नहीं बता पाया है। उधर, मंडल में कृषि विभाग द्वारा रबी वर्ष में गेहूं उत्पादन लक्ष्य 1309664 मीट्रिक टन अनुमानित किया गया था।
इसमें बांदा में 498688, चित्रकूट में 154281, महोबा में 262484 व हमीरपुर में 394211 मीट्रिक टन उत्पादन लक्ष्य अनुमानित किया गया है। इसके सापेक्ष कितना उत्पादन हुआ यह आंकड़ा अब तक कृषि विभाग उपलब्ध नहीं करा पाया है। चित्रकूटधाम मंडल के सरकारी खरीद केंद्रों में किसानों का 4402.453 लाख रुपये गेहूं का भुगतान फंसा है। कुल भुगतान 37901.265 लाख किया जाना था। इसमें से सिर्फ 33498.812 लाख रुपये भुगतान किया जा सका है। अफसरों का दावा है कि शेष भुगतान भी जल्द करा दिया जाएगा।
मंडल में किसान, लाभान्वित किसान, खरीद (मीट्रिक टन) में---
जनपद किसान गेहूं बेचा खरीद
बांदा 43738 16802 67619.650
चित्रकूट 32701 8576 30041.339
महोबा 22989 9381 35962.600
हमीरपुर 16989 12612 58281.550
योग- 116417 47371 191905.139
25 बीघे के काश्तकार हैं। 15 बीघे में गेहूं बोया था। गेहूं बेचने को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कराया था, लेकिन सरकारी गेहूं खरीद केंद्र में ट्रैक्टरों की लंबी लाइन लगने पर केंद्र प्रभारी द्वारा लौटा दिया गया, जिससे वह केंद्र में गेहूं नहीं बेच पाए। बाद में उन्हें अपनी उपज आढ़तियों को बेचनी पड़ी।
-चंद्रपाल गर्ग, किसान, तिंदवारी गांव
कंप्यूटर सेंटर में जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन रजिस्ट्रेशन असफल हो गया। बाद में मोबाइल पर आए मैसेज से पता चला तो दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने गए, लेकिन वहां भीड़ होने और केंद्रों में बढ़ती भीड़ को देख उन्होंने अपना 16 क्विंटल गेहूं सस्ते दर पर आढ़तियों को बेच दिया।
-श्याम बाबू मिश्रा, किसान, परसौड़ा गांव