बांदा। गांव का माननीय बनने की चाहत ने खूनी रिश्तों
में भी पाला खींच दिया गया है। पिता-पुत्र, ननद-भौजाई और भाई-भाई एक-दूसरे
को शिकस्त देने के लिए खुलकर सामने आ गए हैं।
इनमें वे महिलाएं भी
हैं, जिन्होंने कभी ससुराल में दहलीज नहीं लांघी। अब गांव की गलियों में
बेहिचक घूम रही हैं। अपनों और गैर सभी के सामने वोट की खातिर हाथ फैला रही
हैं।
बड़ोखर खुर्द ब्लाक की कुरौली ग्राम पंचायत में दो चचेरे भाई
आमने-सामने चुनाव मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। हालांकि गांव में और भी कई
प्रत्याशी हैं, लेकिन चचेेरे भाइयों के बीच छिड़ी जंग गांव में चटखारे लेकर
बयां की जा रही है।
उधर, ननद-भौजाई और देवरानी-जेठानी के बीच घरों
में अक्सर आपसी प्रतिद्वंद्विता और जोर आजमाइश होती है। 36 का यह आंकड़ा
ग्राम पंचायत चुनाव में भी पहुंच गया है।
महोखर ग्राम पंचायत में
ननद-भौजाई चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रही हैं। चिल्ली ग्राम पंचायत में
जेठानी और देवरानी एक दूसरे को मात देने में लगी हैं।
मजबूरन दोनों
भाइयों को भी पत्नियों के पाले में आना पड़ा। महुआ ब्लाक के छिबांव ग्राम
पंचायत में देवरानी और जेठानी के बीच मुकाबला है।
सहेवा ग्राम पंचायत में पिता-पुत्र एक-दूसरे को मात देने में लगे हैं। वोटर भी दोनों के सामने खुलकर आने में सकुचा रहे हैं।