बांदा। साहब! हाथ पैरों से असहाय हूं। पेंशन के लिए भटक रहा हूं, लेकिन अफसर नहीं सुन रहे हैं। सदर तहसील दिवस में फरियादी की यह बात सुनते ही जिलाधिकारी साहिबा जे. रीभा की तेवरी चढ़ गई। बोलीं, अधिकारी कान खोलकर सुन लें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। पेंशन हो या आवास अथवा अन्य योजनाएं पात्रों को प्राथमिकता के साथ इसका लाभ मिलें।
छेहरांव व ग्राम पल्हरी के व्यक्तियों ने कहा कि खतौनी में नाम गलत होने से उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। डीएम ने उप जिलाधिकारी सदर को नाम शुद्धीकरण के निर्देश दिए। एक महिला ने कहा कि आवास के लिए एक साल से भटक रही हूं लेकिन पात्रता के बाद भी आवास नहीं मिल रहा है। डीएम ने परियोजना अधिकारी डूडा को आवास दिलाने के निर्देश दिए। समाधान दिवस में पांच मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। मौके पर पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्य, उप जिलाधिकारी सदर अमित शुक्ला, डीएफओ अरविंद कुमार, जिला विकास अधिकारी, पीडी डीआरडीए, तहसीलदार सदर आदि मौजूद रहे।