बबेरू। अवधूत महराज का तीन दिवसीय सिमौनीधाम मेला
मंगलवार से शुरू होगा। सोमवार को दर्जनों भट्ठियों में दिन भर पकवानों के
कड़ाहे चढ़े रहे। बाहर से आए श्रद्धालुओं और श्रमदानियों का आश्रम में
जमावड़ा लगा है।
सिमौनीधाम मेले की सभी तैयारियां पूरी हो गईं।
मंगलवार को सुबह हवन-पूजन के साथ भंडारा शुरू होगा। भोजन के लिए महिलाओं और
पुरुषों के लिए अलग-अलग 10 पंडाल बनाए गए हैं।
प्रत्येक पंडाल में
एक हजार श्रद्धालुओं के एक साथ भोजन की व्यवस्था है। 10 पंडालों में एक
साथ 10 हजार श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। भंडारा और मेला में बाहर से
आने वाले अवधूत महराज के शिष्यों और श्रमदानियों का तांता लगा है।
नमकीन,
पेठा, बूंदी (मिठाई) आदि की खेप आगरा व दिल्ली से पहले ही आ गई है। सोमवार
को दिन भर मालपुआ और जलेबी के कड़ाहे चढ़े रहे। दिल्ली व आगरा के मशहूर
रसोइये मालपुआ पकाने की जिम्मेदारी संभाले हैं। उनके साथ श्रमदानी मदद कर
रहे हैं।
मेला क्षेत्र स्थित मधुवन में पेड़ों के नीचे साधु-संतों
ने धूनी जमा रखी है। 85 फिट ऊंची भगवान शिव की मूर्ति और 110 फिट लंबी
हनुमान की लेटी प्रतिमा आकर्षण का केंद्र है।
अवधूत महराज के गुरु
मौनीबाबा की समाधि पर आस्थावान मत्था टेक रहे हैं। यहां साल भर अखंड रामधुन
कीर्तन चलती रहती है। मेला में तीनों दिन रासलीला और रात में रामलीला का
मंचन होगा।
सिमौनीधाम मेला प्रभारी एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद यादव ने
मेला क्षेत्र में अपना कैंप लगा लिया है। राजस्व अधिकारियों और
कर्मचारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस
क्षेत्राधिकारी यशवीर सिंह सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हैं। मेला में
यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए जगह-जगह बैरियर लगाकर पुलिस व
होमगार्ड तैनात किए गए हैं।
तहसीलदार सुनील कुमार, नायब तहसीलदार श्याममणि त्रिपाठी, राजकुमार सिंह समेत राजस्व विभाग के 50 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।