बबेरू/मरका। मकर संक्रांति पर क्षेत्र के सिमौनी व
मरका गांव में आयोजित दंगलों में मशहूर पहलवानों ने कुश्ती के दांवपेच
दिखाए। विजेताओं को ईनाम व शील्ड दी गई।
सिमौनी गांव के राजघाट दंगल
मैदान में खिताबी कुश्ती शौकत (मेरठ) व बुंदेलखंड केसरी चरन (जालौन) के
बीच हुई। इसमें हारजीत का फैसला नहीं हुआ।
महेश (गोधनी) ने विनोद
(जरर), रामफल (मझीवां) ने राजू बाबा (गोधनी) और रामविलास (पड़री) ने मान
सिंह (देवरथा) हराया। लाला (मेरठ), सर्वेश (दिल्ली), महेश (केवटरा), अमर
(कौहारा), स्वयंबर (बाकल), शिवचरन (पड़री) व राजेश (खत्री पहाड़) की कुश्ती
बराबरी पर छूटी।
उधर, मरका के हनुमान दंगल में नाथूराम यादव ने
कुश्ती की शुरूआत कराई। राजेश (मरका) व नवाब (दिल्ली) के बीच खिताबी कुश्ती
बराबरी पर छूटी।
कृष्ण गोपाल (गोकन) ने बहादुर (फिरोजाबाद), राम
सिंह (जौनपुर) ने गनेश (भदोही), सूरजराम (बरेली) ने गंगाराम (बैरफ), बबलू
(एटा) ने रावेंद्र (बनारस) और उदयभान (मऊ टिटिहरा) ने उदयभान (कौशांबी),
धुन्नी (मरका) ने वीरभान (खागा), बउवा (खमरखा) ने हरी (बांदा), आशीष (मरका)
ने अभिषेक (पहाड़ी), राजू (टिटिहरा) ने अनुज सोनी (दिल्ली), रंगारंग (एटा)
ने संजय (अलीगढ़) व राकी (दिल्ली) ने मोंटू (हरियाणा) को हराया।
उधर,
दंगल प्रतियोगिता के दूसरे दिन उदय (गुरेह) को छोटे (मुंगूस) ने हराया।
संतोष (अलीगढ़) ने विजय (मवई) को पटखनी दी। सबसे बड़ी ईनामी कुश्ती में
कोलकाता के पहलवान अनिल को बिना लड़े ही विजय मिल गई।
उससे किसी
पहलवान ने हाथ नहीं मिलाया। रेफरी जगदीश पहलवान व भूपेंद्र तिवारी और
कमेंट्रेटर भानु प्रताप तिवारी रहे। संयोजक इंद्र स्वरूप ब्रहमचारी ने
विजेता को 5 हजार और उप विजेता को 2 हजार रुपये ईनाम तथा शील्ड सौंपा।
भरतशरण
तिवारी, देवशरण तिवारी, दयाशंकर तिवारी फौजी, देवनारायण तिवारी, चुन्नीलाल
उर्फ मैनेजर तिवारी, धीरेंद्र सिंह दिन्नू व्यवस्था में रहे।