बांदा। जसपुरा थाना क्षेत्र के झझरी, सिंधनकला और करहिया गांवों में गेहूं खरीद के दौरान डिजिटल कांटे में हेराफेरी कर किसानों से घटतौली की गई। किसानों की सूचना पर पुलिस ने गेहूं से लदी डीसीएम को रास्ते में रोक कर दोबारा तौल कराई तो तौल में 23 क्विंटल गेहूं अधिक निकला। इसके बाद पुलिस ने दो खरीदारों को हिरासत में लेकर डीसीएम कब्जे में ली।
झझरी गांव निवासी जय सिंह और राजेंद्र भदौरिया ने बताया कि उन्होंने अपना गेहूं फरीदपुर भोगन जनपद बिजनौर निवासी जमील अहमद और अतीक अहमद को बेचा था। बृहस्पतिवार शाम दोनों खरीदार डिजिटल कांटे से गेहूं तौलकर डीसीएम में लादकर रवाना हो गए। कुछ देर बाद किसानों को तौल में गड़बड़ी का संदेह हुआ। इसी दौरान सिंधनकला गांव के कुछ किसान भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने भी अपने साथ इसी प्रकार की घटतौली होने की बात कही।
इसके बाद किसानों ने तत्काल जसपुरा पुलिस को सूचना दी। इस पर थाना प्रभारी ऋषिदेव सिंह ने जसपुरा-झझरी मार्ग पर डीसीएम को रोक लिया। वाहन को थाने लाकर पुलिस की मौजूदगी में दोबारा तौल कराई गई। किसानों का दावा है कि दोबारा तौल में 23 क्विंटल गेहूं अधिक निकला। इसके बाद पुलिस ने खरीदार जमील अहमद और अतीक अहमद को पकड़ा। पुलिस के अनुसार वाहन मालिक मोहम्मद शाकिब निवासी फरीदपुर भोगन जनपद बिजनौर है। थाना प्रभारी ऋषिदेव सिंह ने बताया कि किसानों की शिकायत पर दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य किसानों द्वारा लगाए गए घटतौली के आरोपों की भी जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
कई गांवों के किसानों ने भी लगाए घटतौली के आरोप
घटना की जानकारी होने पर सिंधनकला और करहिया गांव के कई किसान भी थाने पहुंच गए। किसानों ने आरोप लगाया कि 22, 23 और 24 जून को क्षेत्र में गेहूं खरीद के दौरान डिजिटल कांटे में पहले से सेटिंग कर बड़े पैमाने पर घटतौली की गई। करहिया गांव निवासी रुद्र प्रताप ने आरोप लगाया कि उन्होंने 56 क्विंटल गेहूं बेचा था, लेकिन खरीदार 70 क्विंटल गेहूं लेकर चले गए। रोहित सिंह का कहना है कि उन्होंने 36 क्विंटल गेहूं बेचा, जबकि खरीदार 50 क्विंटल गेहूं तौलकर ले गए। झझरी निवासी सपना ने बताया कि उनके पति जय सिंह कैंसर से पीड़ित हैं। इलाज के लिए रुपयों की जरूरत होने के कारण उन्होंने अपनी फसल बेची थी, लेकिन घटतौली से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।