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शीलू निषाद को मिली पराजय

Mon, 14 Dec 2015 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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बांदा/नरैनी। गैंगरेप मामले में देश विदेश के अखबारों की सुर्खियों में रही शीलू निषाद की राजनीतिक पारी धमाकेदार नहीं रही। उसे पराजय का मुंह देखना पड़ा। उसे तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा।
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पांच साल पहले 2010 में तत्कालीन बसपा विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के घर गैंगरेप का शिकार हुई शीलू का मामला मीडिया में छाया रहा।

देश-प्रदेश के सभी बड़े राजनीतिक दल और राहुल गांधी जैसे कई बड़े नेताओं ने शीलू की वकालत की। इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी समेत तीन आरोपियों को 10-10 साल कैद की सजा हुई थी।

तभी से सुप्रीम कोर्ट के आदेश से लगातार पुलिस सुरक्षा मिली है। वह नरैनी क्षेत्र में अपने पैतृक गांव शहबाजपुर में पिता और भाइयों के साथ रह रही है।

ग्राम प्रधान पद के लिए शीलू ने सैकड़ों समर्थकों के साथ बरकोला ग्राम पंचायत से धमाकेदार नामांकन किया। ग्राम पंचायत से जुड़े शहबाजपुर, लोधी पुरवा आदि गांवों में समर्थकों के साथ भ्रमण कर समर्थन मांगा।
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रविवार को नरैनी स्थित राजकुमार इंटर कालेज में मतगणना शुरू हुई। शीलू निषाद यहां अपने समर्थकों और मतगणना अभिकर्ताओं के साथ मतों की गिनती कराने आई।

कई चक्रों की मतगणना के बाद शीलू को पराजय का मुंह देखना पड़ा। 733 वोट पाकर राजकुमारी यादव विजयी रहीं। निकटतम प्रतिद्वंद्वी विद्या देवी को 609 वोट मिले, जबकि शीलू 152 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
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शीलू ने समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि ग्राम पंचायत के लोगों ने भरपूर साथ दिया है। अगर जनता ने फिर मौका दिया तो वह गांव का भरपूर विकास कराएगी।
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