बांदा। सात दिवसीय ताइक्वांडो प्रशिक्षण में शिविर
में विभिन्न स्कूल-कालेजों की बालिकाओं को प्रशिक्षकों ने आत्मरक्षा की
विभिन्न विधाओं के गुर सिखाए। प्रशिक्षक ने कहा कि अब बेटियां चुप नहीं
रहेंगी। शोहदों और छेड़छाड़ करने वालों को मुंह तोड़ जवाब देंगी।
शांति
नगर स्थित एचएल इंटर कालेज में मार्शल आर्ट, जूडो, कराटे और ताइक्वांडो
प्रशिक्षण के छठवें दिन शनिवार को शहर के आधा दर्जन स्कूल-कालेजों की
छात्राओं ने आत्मरक्षा के गुर सीखे।
छात्राओं को किसी भी हमले से
बचने की विभिन्न बारीकियां बताई गईं। इस दौरान छात्राओं ने दुपट्टा, किताब,
पेन, स्कूल बैग जैसी चीजों से आत्मरक्षा के हुनर का प्रदर्शन किया।
रविवार
को प्रशिक्षण शिविर का समापन होगा। इसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली
छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। प्रशिक्षक पुष्पेंद्र विश्वकर्मा व जान
मोहम्मद ने बताया कि प्रशिक्षण से कराटे का प्रशिक्षण बालिकाओं के लिए जीवन
पर्यंत उपयोगी रहेगा।
इससे उनका आत्मबल के साथ एकाग्रता बढ़ेगी।
कहा कि बालिकाएं आत्मरक्षा की इस कला को केवल अपने तक ही सीमित न रखें
बल्कि अन्य बालिकाओं को भी इसका प्रशिक्षण दें।
प्रशिक्षण की व्यवस्था अनिल सिंह गौतम, राजन सिंह चंदेल, अभिनव गुप्ता, विवेक विश्वकर्मा, अजय कुमार और अमन सिंह ने संभाली।